चिकित्सा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
कहा कि प्रधानमंत्री आवास और चिकित्सा व्यवस्था से लेकर वह तमाम योजनाएं, जैसे प्रधानमंत्री ने कई गांव गोद लिए गए हैं। उस गांव की अद्यतन स्थिति क्या हैं? गोद लिए गए गांव की स्थिति सुधरी है कि नहीं, ये जनता के सामने आ जाए।
वाराणसी में दिशा कमेटी की बैठक का न होना, अन्य जनपदों के लिए सही संदेश नहीं हो सकता है। इस संदर्भ में कई बार प्रधानमंत्री, ग्रामीण विकास मंत्री सहित आयुक्त, वाराणसी मंडल और जिलाधिकारी, वाराणसी को लिख चुका हूं। परंतु इसका अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है।
सांसद ने कहा कि क्या वाराणसी की जनता को केंद्र सरकार द्वारा लागू योजनाओं के बारे में जानने का अधिकार भी नहीं है? क्षेत्र में भ्रमण के दौरान ग्रामीण जनता की कई छोटे-छोटे कार्यों के संबंध में मांग होती है, जिसका तत्काल समाधान किया जाना आवश्यक भी होता है।
इलेक्शन कमीशन से मिलकर करूंगा शिकायत
हम उन कार्यों को प्रस्तावित भी करते हैं और उन एजेंसियों को कार्य आवंटित करते हैं, जो उन कार्यों को तत्काल पूर्ण कर दे, अन्यथा कार्य में देरी होने से जनता और नाराज होती है। इसके लिए भी कई बार संबंधित अधिकारी को बताया गया। संभवतः अधिकारी मेरी पीड़ा को समझेंगे और आवश्यक निर्देश जारी करेंगे।
यह भी बताना है कि उत्तर प्रदेश में शराब नीति का उलंघन करते हुए गरीब समाज खासकर बिंद, बियार, मल्लाह, आदिवासी, वनवासी एवं अनुसूचित जातियों के बस्तियों के बीच देसी शराब ठेका खोलने का लाइसेंस दिया जा रहा हैं।
उन्होंने आरोप लगाया- यदि आप पता करेंगे तो जनपद चंदौली के ऐसे सभी ग्रामसभाओं के शराब ठेके के मालिक भारतीय जनता पार्टी के सक्रीय कार्यकर्ता है और उनके पीछे जो शक्तियां हैं, वह शराब से जुड़े बड़े-बड़े माफिया हैं।
इनका उपयोग 2027 के विधानसभा चुनाव एवं आगामी पंचायत चुनाव में शराब बांटकर वोट लूटने व उनका वोट प्रभावित करने की मंशा हैं। इलेक्शन कमीशन से मिलकर इस संदर्भ में गहराई से जांच करने की मांग करूंगा और बीजेपी की साजिश का पर्दाफाश भी करूंगा।