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Varanasi News: एयरपोर्ट पर कम होने लगे विमान, घटी यात्रियों की संख्या; चाैंकाने वाला है हफ्ते भर आंकड़ा

Mon, 07 Apr 2025 12:25 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

बाबतपुर एयपोर्ट विमानों की संख्या बीते 30 मार्च से लगातार कम हो रही है। प्रबंधकों ने अंदेशा जताया कि अप्रैल के अंत से एयरपोर्ट पर विमानों की संख्या और यात्रियों की भीड़ बढ़ सकती है।
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बाबतपुर एयरपोर्ट वाराणसी। - फोटो : अमर उजाला
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Babatpur Airport Varanasi: बाबतपुर एयरपोर्ट पर विमानों की संख्या कम होने से यात्रियों की संख्या का भी ग्राफ घटने लगा है। 30 मार्च के बाद से उड़ानें अचानक से कम हो गई हैं। इससे पहले रोजाना 86-88 विमानों से 15 से 16 हजार यात्रियों की आवाजाही होती थी। वहीं, अब 64-66 विमानों से 9 से 10 हजार यात्री ही आवाजाही कर पा रहे है। 

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एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि खजुराहो, गोवा, जयपुर की सेवा बंद होने और अन्य रूटों पर विमान की संख्या कम होने के कारण यात्रियों की आवाजाही थोड़ी कम हुई है। हालांकि, मुंबई, दिल्ली और बंगलूरू, चेन्नई की सेवाएं बढ़ी हैं। इसके बाद भी विमान पूरी क्षमता के साथ उड़ान नहीं भर रहे हैं। 

29 मार्च को 80 उड़ान से 14 हजार, 30 मार्च को 68 उड़ान से साढ़े 11 हजार, 31 मार्च को 70 उड़ान से साढ़े 11 हजार, एक अप्रैल को 66 उड़ान से 10 हजार, दो मार्च और तीन मार्च को 68 उड़ान से 10 हजार यात्रियों ने आवाजाही की। इसके बाद से लगातार विमान और यात्रियों की संख्या भी कम होती गईं। 
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एयरलाइंस के प्रबंधकों ने बताया कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह से एयरपोर्ट पर विमानों की संख्या और यात्रियों की भीड़ भी बढ़ेगी। गर्मी की छुट्टियों के दौरान भी इनमें बढ़ोतरी होगी।

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एसी बसों की डिमांड, वाराणसी परिक्षेत्र में केवल 35 बसें
गर्मी शुरू होते ही रोडवेज की एसी बसों में लोड फैक्टर बढ़ने लगा है। लंबी दूरी के यात्रियों की पहली मांग एसी बसों की हो रही है। हालांकि लखनऊ, कानपुर, आगरा और प्रयागराज, गोरखपुर रूट पर एसी बसों की संख्या कम होने से यात्रियों की परेशानी हो रही है। 

वाराणसी परिक्षेत्र के आठ डिपो में कुल 35 एसी बसें हैं। नई दिल्ली के लिए सिर्फ एक एसी बस है। लखनऊ के लिए 24 घंटे में महज 10 एसी बसें संचालित होती हैं। कानपुर, गोरखपुर रूट पर भी कम संख्या होने के कारण यात्रियों को साधारण बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। जबकि इन रूटों पर यात्रियों की संख्या बहुत है। 

ऑनलाइन व्यवस्था होने के कारण पहले ही सीट आरक्षित हो जा रही है। इस वजह से यात्रियों को निजी बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पांडेय ने बताया कि एसी बसों की संख्या बढ़ाई जा रही है। परिक्षेत्र को जल्द ही एसी बसें मिलने वाली हैं। 
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