Varanasi News: एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विक्रमादित्य का नाम न्याय और पराक्रम का पर्याय है। उनके जीवन पर आधारित यह मंचन न केवल मनोरंजक है, बल्कि शिक्षाप्रद भी है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य भारतीय इतिहास के ऐसे महान शासक थे जिनकी कीर्ति आज भी जनमानस में जीवित है। विक्रमादित्य का नाम न्याय और पराक्रम का पर्याय है। उनके जीवन पर आधारित यह मंचन न केवल मनोरंजक है, बल्कि शिक्षाप्रद भी है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बरेका में कहा कि मां गंगा के तीरे महान् सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित नाट्य कार्यक्रम की प्रस्तुति सारगर्भित है। तीन भाइयों की जोड़ी की चर्चा करते हुए कहा कि श्रीराम व लक्ष्मण, श्रीकृष्ण व बलदाऊ और भर्तृहरि एवं विक्रमादित्य देश ही नहीं दुनिया में प्रसिद्ध हैं।
मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ पर्यटन एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मिलकर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिशा-निर्देशन में बेतवा नदी को भी जोड़ने का कार्य मध्य प्रदेश सरकार उत्तर प्रदेश के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का उप्र के मंत्री राकेश सचान व मंत्री अनिल राजभर ने धर्म पट्टिका व पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस महानाट्य रूपांतरण को भारतीय संस्कृति, पराक्रम, दानवीरता, न्याय व्यवस्था और सुशासन जैसे मूल्यों को पुनर्जीवित करने का माध्यम बताया। यह प्रयास आज की नई पीढ़ी को अपने प्राचीन सांस्कृतिक मूल्य और आदर्शों से जोड़ने के वृहद अभियान का एक हिस्सा है। इस सराहनीय प्रयास के लिए उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, संस्कृत विभाग और सभी कलाकारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।श्रीविश्वनाथ की काशी में महाकाल की भस्म आरती से काशीवासी अभिभूत
तीन दिवसीय सम्राट विक्रमादित्य महोत्सव का हुआ भव्य आगाज
विक्रमोत्सव-2026 के तहत उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन और न्यायप्रियता को जन-जन तक पहुंचाने के लिए शुक्रवार को तीन दिवसीय महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का जीवंत मंचन हुआ। बरेका के सूर्य सरोवर के सामने मैदान में हुए इस मंचन में 225 से ज्यादा कलाकार हाथी, घोड़े, रथ, पालकियां, भव्य युद्ध, लाइट शो, आतिशबाजी नृत्य और बाबा महाकाल की भस्म आरती की दिव्य झलकियां शामिल रही। महान सम्राट विक्रमादित्य के जन्म से राजतिलक तक की गाथा, विक्रम बेताल की कथा और सनातन धर्म के उत्थान की महा काव्य कथा इस महानाट्य में जीवंत हुई।
शुभारंभ के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध है और ऐसे आयोजन उस विरासत को जीवित रखने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा सम्राट विक्रमादित्य केवल एक राजा नहीं थे, बल्कि न्याय, धर्म और लोककल्याण के प्रतीक थे। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है ताकि नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से जुड़ सके। मंचन के शुरू होने से पहले पूरा परिसर तालियों और जयघोष से गूंज उठा। भारत माता की जय और सम्राट विक्रमादित्य अमर रहें के नारों से गूंज उठा।
सीएम योगी ने नम: पार्वती पतेय हर हर महादेव और जय महाकाल का उदघोष लगवाया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, श्रम एवं सेवायोजन समन्वय मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, महापौर अशोक कुमार तिवारी, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, विधायक डॉ अवधेश सिंह, विधायक सुनील पटेल, विधायक टी राम, विधायक सुशील सिंह, सांसद उमेश नाथ मौजूद रहे।