सांसद के अधिवक्ता अनुज यादव ने आवेदन देकर कहा कि सांसद को नैनी सेंट्रल जेल से गंभीर बीमारी की अवस्था में पुलिसकर्मियों ने लापरवाही व दुर्व्यवहार के साथ कोर्ट में लाया गया। सांसद को एंबुलेंस से नीचे उतारा गया, तब बेहोश होने पर हाथ-पैर पकड़कर बेरहमी के साथ कोर्ट में लाया गया।
सांसद की हालत चिंताजनक होने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल में उपचार कराने का अनुरोध किया गया। इस दौरान सांसद को एंबुलेंस में सवार कराकर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट गेट के बाहर लगभग 45 मिनट तक खड़े रखा गया। अदालत ने आरोपी सांसद को एक डॉक्टर के साथ बिना रिमांड बनाये नैनी कारागार वापस भिजवाया। 13 सितंबर को वीसी के जरिये पेशी कराने का कोर्ट ने आदेश दिया।
तीन साल पुराने चर्चित मामले में पिछले साल 16 अगस्त 2021 को अतुल राय पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली बलिया निवासी युवती ने अपने मित्र के साथ नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के सामने आत्मदाह कर लिया था।
उपचार के दौरान बीते साल युवक की 21 अगस्त और युवती की 24 अगस्त को मौत हो गई थी। इस मामले में ही अतुल राय की पेशी होनी है। दुष्कर्म मामले में पिछले माह छह अगस्त को विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए सियाराम चौरसिया की कोर्ट ने अतुल राय को बरी किया था। पिछले तीन साल से सांसद प्रयागराज के नैनी सेंट्रल जेल में बंद है।