प्रकरण में बीते 30 सितंबर को लंका थाना प्रभारी ने दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा कि निलंबित सीओ अमरेश सिंह को आरोपी सांसद अतुल राय को दुष्कर्म के दंड से बचाने के आशय से आरोपी लोक सेवक द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में अपूर्ण व निराधार अभिलेखों की रचना की गई और लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से विधिक व तथ्यात्मक रूप से त्रुटिपूर्ण आख्या तैयार की गई और इस कृत्य से क्षुब्ध होकर पीड़िता व गवाह ने आत्महत्या कर ली।
सोशल मीडिया पर आरोपी अमरेश सिंह बघेल को दोषी बताया गया। इसके दुष्प्रेरण का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज किया गया। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और फिर शासन ने उसे बर्खास्त किया।