प्रो. सिंह ने बताया कि यहां से टीम ने समुद्र तल से करीब 16,500 फीट ऊंचाई पर रूपकुंड की 17 किलोमीटर की चढ़ाई शुरू की। पर्वतारोहियों ने आधी रात में ही चढ़ाई शुरू की। बताया कि रास्ते में कई बर्फीले ढलानों को पार करते हुए खड़ी चढ़ाई वाले इस ट्रैक को दल ने सात घंटे में पूरा कर वहां तिरंगा फहराने के साथ ही बीएचयू का भी झंडा फहराया। रूपकुण्ड का अधिकांश हिस्सा बर्फ से जमा रहता है और चारों ओर से हिम मंडित शिखर इसकी शोभा बढ़ाते है।