हल्दिया से वाराणसी तक आने वाले पानी के जहाजों को काशी के गंगा घाटों तक पहुंचने से पहले अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। अब पानी के जहाज बिना किसी रुकावट के 24 घंटे आवाजाही कर सकेंगे।
यही नहीं, काशी में मोटर बोट, स्टीमर, क्रूज भी गंगा में आसानी से चल सकेंगे। दरअसल, कछुआ सेंक्चुअरी को यहां से इलाहाबाद शिफ्ट किया जा रहा है। स्टेट वाइल्डलाइफ एडवाइजरी बोर्ड ने इसके लिए अनुमति दे दी है।
प्रदेश सरकार की कैबिनेट में इसका प्रस्ताव पास कर केंद्र को भेजा जाएगा। फिलहाल, सेंक्चुअरी को इलाहाबाद और सीतामढ़ी के बीच मेजा के पास कोठरी गांव के समीप डाउन स्ट्रीम में 30 किमी आगे शिफ्ट करने का प्रस्ताव है।
हल्दिया से वाराणसी तक सुगम जल परिवहन के लिए रामनगर में 5200 करोड़ रुपये से मल्टी मॉडल टर्मिनल बनाया जा रहा है। कछुआ सेंक्चुअरी के चलते गंगा में जल परिवहन की महत्वाकांक्षी योजना प्रभावित हो रही थी। इसके मद्देनजर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम ने तीन माह पहले सर्वे कर सेंक्चुअरी की शिफ्टिंग को हरी झंडी दे दी।