बीएचयू में हॉस्टल खाली कराने के फैसले के विरोध में एलडी गेस्ट हाउस चौराहे पर धरने पर बैठे छात्रों को मनाने की कोशिश रात एक बजे तक चली। डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी रात एक बजे के बाद तक छात्रों से वार्ता करते रहे।
हालांकि डीएम ने दावा किया कि छात्र मान गए हैं, मगर उनके जाने के बाद भी छात्र धरने पर बैठे रहे। एलडी गेस्ट हाउस चौराहे पर शाम चार बजे छात्रों का धरना शुरू हुआ। इनमें अधिकतर कला संकाय के छात्र थे, जो हॉस्टल न खाली करने पर अड़े थे।
डीएम ने वार्ता के दौरान छात्रों को समझाया कि छात्रों को दिक्कत नहीं आएगी लेकिन बाहरी लोगों पर कार्रवाई होगी। डीएम ने अपने छात्र जीवन का उदाहरण देते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि उनके हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
छात्रों के प्रतिनिधि मंडल और कुलपति प्रो. राकेश भटनागर के बीच बात कराएंगे। छात्रों के बतौर अभिभावक वो उनके सुख दुख में साथ खड़े रहेंगे। छात्र नेता विकास ने कहा कि हम लोगों ने डीएम से मांग की थी कि छात्रों से हॉस्टल खाली न कराया जाए। अवांछनीय तत्वों पर कार्रवाई करें। पठन पाठन सुचारू रूप से चालू कराएं।
बता दें कि ऐसा नहीं है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पहली बार हॉस्टल खाली कराया जा रहा है। चार साल पहले भी इसी तरह की घटना के बाद हॉस्टल खाली कराए गए थे। इस बीच मंगलवार को भी कई छात्र खुद भी हॉस्टल खाली कर घर जाने लगे।
विश्वविद्यालय में नवंबर 2014 में बिड़ला समेत तीन हॉस्टलों को खाली कराने की अनुमति विश्वविद्यालय प्रशासन ने जिला, पुलिस प्रशासन को दी थी, उस समय कुछ छात्र तो पहले ही हॉस्टल खाली कर चले गए थे, लेकिन जो बचे थे उन्हें पुलिस ने एक-एक कर सभी हॉस्टल खाली करा दिए थे।
अब मंगलवार को कुलसचिव की ओर से भी बिड़ला, धनवंतरि, रुइया मेडिकल समेत पांच छात्रावासों को खाली करने का आदेश जारी हुआ है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी छात्रों को बुधवार शाम 5 बजे तक का समय दिया है।