आसपास के लोगों के मुताबिक बगल के सरस्वती पूजा पंडाल में लाउडस्पीकर बजने से किसी को घटना की भनक नहीं लगी। यहां तक कि बगल के कमरे में सो रहे बाप-बेटे को भी जानकारी नहीं हुई। हमलावर के भागने के बाद बिंदू ने किसी तरह पति को जगाया। इसके बाद उमेश ने फोन कर पुलिस और एंबुलेंस को बुलाया।
मां-बेटी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने बिंदू देवी को मृत घोषित कर दिया जबकि अंशु की हालत गंभीर देख उसे वाराणसी रेफर कर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक पड़ोस के एक व्यक्ति से घरेलू विवाद में मारपीट की घटना पहले हुई थी लेकिन उसे लेकर हत्या नहीं हो सकती है। अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि मृतका के पति की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना का जल्द ही पर्दाफाश कर दोषियों को जेल भेजा जाएगा।