एसआई मनीष कुमार मिश्रा ने अपनी टीम के साथ सर्विलांस व मुखबिरों की मदद से दो दिन में अमित का ठिकाना खोजने में सफलता पाई और वह पकड़ा गया। पुलिस की पूछताछ में अमित ने बताया कि बिहार और बंगाल में अपराध करने के बाद वह वाराणसी भाग आता था।
यहां वह फर्जी आईडी प्रूफ की मदद से खुद को बिहार का स्क्रैप व्यापारी राहुल कुमार पांडेय बताकर किराये पर कमरा लेकर रहता था। बीते फरवरी महीने में हुगली जिले में हत्या और लूट की घटना के बाद मार्च महीने से वह शिवपुर के चांदमारी क्षेत्र में ही रह रहा था।