वाराणसी। यज्ञ के साथ गंगा आरती, योग और प्रभाती रागों की अवतारणा का अनूठा समन्वय पेश करने वाले आयोजन सुबह-ए-बनारस के दो सौ दिन का सफर शुक्रवार को पूरा हो गया।
पर्यटकों, छात्रों, युवाओं और बुजुर्गों की मौजूदगी में जिलाधिकारी प्रांजल यादव ने इस कामयाबी के लिए काशीवासियों के उत्साह की सराहना की। कोलकाता से आए सुदीप चट्टोपाध्याय ने बांसुरी पर सुबह के राग की अवतारणा की।
सुबह-ए-बनारस के उत्सव की शुरुआत पाणिनी कन्या महाविद्यालय की 31 छात्राओं ने वेद मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुति से की। विश्व कल्याण की कामना से महापौर राम गोपाल मोहले, जिलाधिकारी, बीएचयू के वीसी प्रो. जीसी त्रिपाठी, आईजी, शास्त्रीय गायक डॉ. राजेश्वर आचार्य ने यज्ञ में हिस्सा लिया। इसके बाद गंगा आरती हुई।
फिर कोलकाता से आए बांसुरी वादक सुदीप चट्टोपाध्याय ने राग बैरागी की अवतारणा की। अलाप, जोड़, झाला के बाद उन्होंने मध्य और द्रुत गत बजाई। इसके बाद भटियारी में धुन बजाकर विदा ली।
तबले पर संगत की पं. किशोर मिश्र ने। इसके बाद नित नए कलाकारों की प्रस्तुति के साथ चलने वाले सुबह-ए-बनारस की सफलता में योगदान देने वाले सुनील शुक्ला, अजय गुप्ता, विष्णु यादव, प्रमोद मिश्र को सम्मानित किया गया। संचालन प्रीतेश आचार्य ने किया।