जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी
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चुनाव आयोग की घोषणा के बाद रविवार को जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह और एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने राइफल क्लब में प्रेसवार्ता कर चुनाव की तैयारियों की जानकारी दी। वाराणसी में 81 हजार 596 नए मतदाता सूची में शामिल हुए हैं, जबकि 52 हजार 783 मृतक, डुप्लीकेट सहित अन्य लोगों को सूची से हटाया गया है। 13 हजार दिव्यांग मतदाताओं को मतदान के लिए यातायात सहित अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।
जिले में 2920 मतदान केंद्र और 1136 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। इसमें 1862 मतदान केंद्र ग्रामीण और 1058 मतदान केंद्र शहरी क्षेत्र में हैं। 142 मतदान केंद्र और 407 मतदेय स्थल को अतिसंवेदनशील माना गया है। जिले भर में सभी मतदेय स्थलों पर ईवीएम में वीवीपैट का उपयोग किया जाएगा।
सर्वे में 39 लोग ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें मतदान के लिए प्रभावित किया जा सकता है और 21 लोग प्रभावित कर सकते हैं। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि ईवीएम और वीवीपैट का एफएलसी कराया जा चुका है। आचार संहिता के अनुपालन के लिए शहरी क्षेत्र में 90 टीमें सक्रिय हैं और ग्रामीण क्षेत्र में प्रत्येक गांव में एक टीम को तैनात किया गया है।
11 मार्च से आठ फ्लाइंग स्क्वाड, 24 स्टेटिक सर्विलांस, 72 वीडियो रिकार्डिंग टीम सक्रिय हो जाएगी। आठ हजार लोगों को शांति भंग की आशंका में पाबंद कर 11 हजार असलहा धारकों से उसे जमा कराने का नोटिस भेजा गया है। अवैध हथियार और शराब बंदी पर नजर के लिए 50 चेक प्वाइंट बनाए गए हैं, इसमें 22 प्वाइंट जिले की सीमा पर है।
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सोशल मीडिया पर निगाह रखने के लिए गूगल और फेसबुक से अनुबंध किया गया है। यह सोशल मीडिया पर भड़काऊ मैसेज, वीडियो और फोटो की सूचना देंगे। आम आदमी को आचार संहिता के उल्लंघन की सूचना देने के लिए सी विजिल ऐप लांच किया गया है। मीडिया सर्टिफिकेशन मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी का गठन कर लिया गया है।
चुनाव आयोग ने वोटर स्लिप को मतदाता पहचान पत्र नहीं माना है। मतदाता पहचान पत्र नहीं होने की स्थिति में आधार कार्ड, सरकारी पहचान पत्र, बैंक पासबुक, पैनकार्ड सहित अन्य पहचान पत्रों का प्रयोग किया जा सकेगा।