गिरिजा देवी के घर पहुंचे मोरारी बापू
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संत मोरारी बापू ने कहा कि ठुमरी साम्राज्ञी गिरिजा देवी स्वर की रत्न थी, उन्हें भारतरत्न मिलना चाहिए। शुक्रवार की शाम बापू काटनमिल चौकाघाट स्थित गिरिजा देवी के घर पहुंचे। यहां गिरिजा देवी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
इसके बाद शोक संतप्त परिवार को आशीर्वाद देने के साथ सांत्वना दी। परिवार वालों से कहा कि उनके साथ काफी आत्मीयता रही। वे स्वयं में एक विभूति थीं। अपने आदर्शों का उनका एक औरा था। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
बापू ने मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि पूरा देश गिरिजा देवी को जानता है। दुनिया में सुर की साधना की जाती है। गिरिजा देवी हमारे गांव तलगा में आई थी। हनुमान जयंती पर उनसे मुलाकात हुई थी। संगीत और सुर साधना से उनकी विद्या अमर होती है। देह चला जाता है लेकिन विद्या अमर होती है।
सुर के जगत में उनके निर्वाण को प्रमाण करने आया हूं। मेरी बहुत बहुत श्रद्धांजलि है। इनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। गिरिजा देवी को मुखाग्नि देने वाले नाति अरिंदम दत्ता और बेटी डा. सुधा दत्ता से बापू ने कहा कि उन्हें किसी प्रकार की जरूरत हो तो वे उनके साथ हैं।
इस दौरान परिवार वालों ने बापू के चरण स्पर्श किए। बापू ने सभी को आशीर्वाद दिया कि आपका कल्याण हो। पद्मविभूषण गिरिजा देवी की तीसरी पीढ़ी ने वादन के क्षेत्र में कदम रखा है।
बेटी सुधा ने बताया कि हाल ही में धनतेरस वाले दिन अरिंदम के बेटे 19 वर्षीय अभिज्ञान दत्ता को मां ने बनारस घराने की गायिकी की दीक्षा पंडित तरुण भटटाचार्य से संतूर में दिलाई थी। अभिज्ञान गिरिजा देवी के परनाती हैं।