आसमान में चांद के दीदार के साथ ही ख़ुशियाँ लेकर ईद आ गयी। शाम मगरिब बाद से ही फि जा में पटाखों का शोर और ईद मुबारक हो ईद मुबारक हो की सदा गूंज उठी। इसके बाद जहां कालोनियों में खूब आतिशबाजी हुई और मुबारकबाद देने का सिलसिला शाम से ही शुरू होकर पूरी रात चलता रहा। देर शाम चाँद कमेटी के एलान के बाद ईद की तैयारियों ने तो जैसे जोर पकड़ लिया। बेनियाबाग से दशाश्वमेध घाट तक सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा।
रविवार को आसपास के शहरों में शाम सवा सात बजे तक चांद का ऐलान हो गया। ऐसे में दूसरे शहरों से चांद के ऐलान होने के बाद बनारस में भी लोगों ने एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद देनी शुरू कर दी। देर शाम क रीब साढ़े आठ बजे यहां भी हेलाल कमेटी ने चांद होने का ऐलान कर दिया। लल्लापुरा के हस्सान मालिक और अब्दुल हक ने चांद की शहादत दी। वहीं दूसरे जिलों से भी फ ोन पर लोगों की दी गयी शहादत के बाद नई सड़क लंगड़ा हाफि ज मस्जिद में इजतेमाई रुय्यते हेलाल कमेटी की हुई बैठक में नमचांद का एलान किया गया। मौलाना जकिउल्लाह कादरी ने इसकी अध्यक्षता की। चांद कमेटी के संयोजक अशरफ ने जानकारी दी। उधर मरकज़ी रुय्यते हेलाल की बैठक मदनपुरा में हुई। यहाँ काजी- ए-शहर मौलाना गुलाम यासीन ने चांद होने का ऐलान किया।