वाराणसी। किसी भी बहुमंजिली इमारत के बेसमेंट में गोदाम या दुकान बनाया जाना पूरी तरह सुरक्षा मानकों के विपरीत है। भवन चाहे व्यावसायिक हो या आवासीय, बेसमेंट में सिर्फ पार्किंग की व्यवस्था और आने-जाने के लिए दो रास्ते होने चाहिए। रविवार की दोपहर आईपी मॉल सिगरा का निरीक्षण करने पहुंचे यूपी फायर सर्विस के डायरेक्टर पीके राव ने ये बातें कहीं। उन्होंने मॉल के बेसमेंट का निरीक्षण करने के साथ ही आग की घटना से जुड़े पहलुओं पर मालिक मनीष तलवार से पूछताछ की। बताया कि विभाग की ओर से भेजे गए नोटिस का जवाब मिलने के बाद मॉल प्रबंधन पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आईपी मॉल के बेसमेंट स्थित गोदाम में शुक्त्रस्वार की दोपहर आग लग गई थी। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल की सात गाड़ियों ने तीन घंटे में किसी तरह से आग पर काबू पाया। इस बारे में मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने नोटिस जारी कर आईपी मॉल के मालिक मनीष तलवार से तीन दिन में जवाब तलब किया है। रविवार की दोपहर यूपी फायर सर्विस के डायरेक्टर ने मॉल के बेसमेंट का मौका मुआयना कर घटना से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली। मॉल के मालिक से नोटिस का जवाब देने को कहा। निरीक्षण के बाद डायरेक्टर ने बताया कि विभागीय अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया मॉल प्रबंधन की लापरवाही पाई है। आग से सुरक्षा संबंधी उपकरण पूरी तरह दुरुस्त नहीं मिले थे। कागजों पर निर्धारित मानकों को पूरा दिखाया गया था लेकिन मौके पर सब कुछ दुरुस्त नहीं पाया गया।
डीएम योगेश्वर राम मिश्रा ने आईपी मॉल के बेसमेंट में आग लगने के प्रकरण में रविवार को वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे से बात की। डीएम ने कहा कि जो भी अनियमितताएं हैं उनकी जांच की जाए। मॉल नक्शे के अनुरूप बना है या नहीं, बेसमेंट का उपयोग किन कार्यों में किया जा रहा था, इन सभी बिंदुओं पर छानबीन की जाए। जांच रिपोर्ट के आधार पर सिलिंग की कार्रवाई के साथ ही मुकदमा भी कराया जाएगा।