सूरज डूबने के साथ ही मुसलमानों की नजरें आसमान पर जम गई थीं। सबको इंतजार था रमजान के चांद के निकलने का। जैसे ही चांद का दीदार हुआ वैसे ही रमजान मुबारक का शोर हर ओर गूंज गया। एक दूसरों को मुबारकबाद देने के साथ ही लोगों ने आतिशबाजी कर खुशियां मनाईं। चांद की तस्दीक होने के साथ ही जहां शनिवार से तरावीह की नमाज शुरू हो गई, वहीं मुसलमान रविवार को पहला रोजा रखेंगे।
चांद के दीदार होने के साथ शहर की सैकड़ों मस्जिदों में एशां की नमाज के साथ तरावीह की नमाज शुरू हो गई। जमात के साथ लोगों ने तरावीह की नमाज अदा की। कहीं तीन दिन की तरावीह तो कहीं पांच, सात, 10 और 15 दिन की तरावीह शुरू हुई। उधर शहर की 32 शिया मस्जिदों में चांद का दीदार करने के बाद उलेमा ने चांद की फजीलतें बयान की। मुल्क की मिल्लत व हिफाजत के साथ कामयाबी और तरक्की के लिए दुआएं की गईं। उधर मुस्लिम इलाकों में चांद दिखने के साथ चहलपहल बढ़ गई। सहरी के लिए दूधफेनी, बाकरखाली, फल व मिठाई की दूकानें दालमंडी से लेकर मदनपुर, पीली कोठी, बड़ी बाजार, बजरडीहा में सजीं रहीं।