शहर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। लंका निवासी राहुल ने बताया कि बंदर छोटे बच्चों को ज्यादा निशाना बनाते हैं। गली में बैठे बंदर उनको काटकर सामान ले लेते हैं। उधर, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में एक महीने में बंदरों के काटने के कारण 130 लोगों ने एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाया है।
1533 पर कॉल कर बताएं समास्याएं
नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि बंदर से जुड़ी कोई भी समस्या होने पर लोग 1533 पर सुबह 6 बजे से रात के 10 बजे कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराते हैं। शिकायत आने पर समस्या के समाधान का प्रयास किया जाता है।
चेतगंज, लंका, सकेतनगर, दुर्गाकुंड, कबीरनगर, रोहनिया, चितईपुर, सुंदरपुर, मंडुवाडीह में इन दिनों बंदरों का आतंक ज्यादा बढ़ गया है।
अधिकारी बोले
इमरान कहां और कितने में एक बंदर पकड़ता है, इसकी जानकारी नहीं है। दूरी के हिसाब से भी पैसा लिया जाता है। देख कर पैसा कम कराया जाएगा। -डॉ. संतोष कुमार पाल, पशु चिकित्सा अधिकारी, नगर निगम वाराणसी