पीएम मोदी आैर उनके जापानी समकक्ष शिंजो अबे के दौरे को लेकर बुधवार को एसपीजी ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लंबी मंत्रणा की।
सवा तीन घंटे तक चली बैठक में एसपीजी के अधिकारी दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती के दौरान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खासे गंभीर दिखे। तय हुआ कि आरती देखने के लिए गंगा में बनाए जा रहे मंच पर सिर्फ दोनों प्रधानमंत्री होंगे।
निगरानी के लिए गंगा पार वाॅच टाॅवर भी बनाए जाएंगे। आयोजन के दौरान दशाश्वमेध घाट पर किसी को भी बिना सत्यापन और पास के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। यहां तक कि श्रद्धालु भी बिना वैरिफिकेशन के नहीं जा सकेंगे।
एसपीजी ने दशाश्वमेध घाट के बगल में ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर के पास 23 फवरी 2005 को हुए बम विस्फोट के स्थल को देखा।
इसके अलावा सात दिसंबर 2010 को शीतला घाट पर हुए बम विस्फोट स्थल पर भी टीम पहुंची। इन आतंकी हमलांे को ध्यान में रखकर एसपीजी इतनी पुख्ता रणनीति बनाने में जुटी है कि कहीं किसी भी तरह की चुनौती सामने न आने पाए। वह नहीं चाहती कि प्रधानमंत्री के आसपास किसी तरह की भीड़ लगने पाए। पूरे गंगा घाटों के क्षेत्र पर इस पार और उस पार दोनों तरफ से पैनी नजर होगी।
दशाश्वमेध घाट की ओर सुरक्षा के लिहाज से कमांडो तैनात होंगे। बीच गंगा में भी मोटरबोट के सहारे कमांडो गश्त करेंगे। यही नहीं गंगा उस पार वाॅच टाॅवर बनाए जाएंगे। वहां से दूरबीन के सहारे निगरानी की जाएगी। बैठक में कमिश्नर, आईजी, डीआईजी, डीएम सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।