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काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा बढ़ी, अब कोई नहीं रख सकेगा मोबाइल फोन

Fri, 05 Oct 2018 10:50 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर - फोटो : amarujala
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा के मद्देनजर गुरुवार को मंदिर प्रशासन ने आदेश जारी किए। मंदिर परिक्षेत्र में बीते दिनों में गर्भगृह से लेकर महिला का मोबाइल से वीडियो बनाने का मामला संज्ञान में आने के बाद मंदिर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अब मंदिर परिसर में पुजारी, अर्चक और शास्त्री भी मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। इसके लिए मंदिर प्रशासन ने आदेश जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
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इस आदेश के बाद से मंदिर क्षेत्र में काफी चर्चा है। विश्वनाथ मंदिर में  करीब 35 शास्त्री, नौ अर्चक और 18 सेवादार काम कर रहे हैं। ये सभी लोग प्रतिदिन मोबाइल लेकर मंदिर में आते- जाते हैं। इस दौरान मोबाइल का प्रयोग कुछ गलत तरीके से किया जा रहा था। इसकी शिकायत मंदिर प्रशासन से की गई। इस पर कई लोगों को चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन लगातार दुरुपयोग की शिकायत मिल रही थी। इसको देखते हुए मंदिर प्रशासन ने गुरुवार को आदेश जारी कर दिया। इसके लिए जगह जगह निर्देश चस्पा कर दिया गया है।

वहीं पुलिस को भी निर्देश दे दिए गए हैं। निर्देश में स्पष्ट है कि अगर किसी के पास मोबाइल बरामद हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि मंदिर के गर्भगृह में प्लास्टिक की बाल्टी और लोटे में जल लेकर जाने पर प्रतिबंध पहले ही लगा दिया गया है। । 
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वीडियो बनाना है प्रतिबंधित
मंदिर के रेड जोन में सुरक्षा को देखते हुए किसी प्रकार का वीडियो और फोटो खींचना प्रतिबंधित है। इसके बाद भी आए दिन वीडियो और फोटो ली जा रही थी। पुलिस भी मना करती थी, लेकिन पास और अनुमति का हवाला देते रहते थे।
 

बाबा के गर्भगृह में बड़े पात्र से नहीं होगा अभिषेक

काशी विश्वनाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला
बाबा विश्वनाथ मंदिर में अब बड़े पात्र से जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक नहीं होगा। इसके लिए छोटे पात्र से ही जलाभिषेक करना पड़ेगा। यह निर्णय मंदिर प्रशासन ने शिवलिंग की सुरक्षा को देखते हुए लिया है। इसका पालन भी बुधवार से शुरू हो गया है। श्रद्धालु कलश और गगरा में गंगाजल, बड़ी बाल्टी में दूध के अलावा गन्ने का रस आदि लेकर पूजा करने गर्भ गृह में पहुंच जाते हैं।

ऐसी स्थिति में हाथ गीला होने से बड़े पात्र के फिसलने से शिवलिंग को खतरा रहता है। इसको लेकर न्यास परिषद के बैठक में बड़े पात्र को अंदर ले जाने पर रोक लगाने का आदेश जारी हुआ था। जिसका पालन मंदिर प्रशासन ने शुरू करा दिया है।

इस नियम का नोटिस पूरे मंदिर परिसर और परिसर के बाहर भी लगा दिया गया। विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि बड़े पात्र से श्रद्धालुओं के चोटिल होने और विग्रह के क्षतिग्रस्त होने की आशंका थी। इसलिए प्रतिबंधित किया गया है। अधिकतम आधा लीटर का पात्र ही ले जाया जा सकेगा।
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दर्शन के लिए पैसा मांगने का श्रद्धालु ने लगाया था आरोप

गेट पर तैनात जवान - फोटो : अमर उजाला
मंडुवाडीह निवासी नीरज दुबे ने मंदिर की सुरक्षा में तैनात एक सिपाही पर बुधवार को पैसा मांगने का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत ट्वीटर के माध्यम से की गई। इस शिकायत के बाद चौक थाने के अधिकारियों ने जांच की और मौके पर जाकर तैनात सुरक्षाकर्मियों से बात किया तो उन्होंने अपने पर लगे आरोप को गलत बताया।

कहा कि हमने उनसे पैसे नही मांगे थे, बल्कि कहा था कि आपको सुलभ दर्शन करना हो तो मंगला आरती का टिकट ले लें या फिर तत्काल दर्शन करना हो तो 300 रुपये का वीआईपी टिकट लें। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षाकर्मी ने पैसे मांगने की जगह 300 रुपये का टिकट लेने की बात कही थी, लेकिन श्रद्धालु को गलत समझ में आया। 
 
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