एमएलसी के दो कार्यकाल पर एक ही परिवार का कब्जा रहा है। स्थानीय प्राधिकारी एमएलसी चुनाव 2016 में हुआ था। उस समय निर्दल बृजेश सिंह की जीत हुई थी। इससे पहले उनकी पत्नी अन्नपूर्णा सिंह ने अपना कार्यकाल पूरा किया था। भाजपा ने 2016 के चुनाव में प्रत्याशी नहीं उतारा था और बृजेश सिंह को ही समर्थन किया था।
सपा ने इस सीट पर पहले अमीर चंद्र पटेल को प्रत्याशी बनाया था। बाद में जब हो-हल्ला हुआ तो फिर पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्ल्यू की बहन मीना सिंह को टिकट दे दिया गया। चुनाव में निर्दलीय बृजेश कुमार सिंह को कुल 3038 वोट मिले थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा की मीना सिंह को 1084 वोट मिले थे।
प्रत्याशी चयन में जुटे सियासी दल
एमएलसी चुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक दल भी प्रत्याशी चयन में जुट गए हैं। भाजपा ने पिछली बार इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी बृजेश सिंह को समर्थन दिया था और उन्होंने जीत हासिल की थी। मगर, इस बार विधानसभा चुनाव के दौरान हो रहे इस चुनाव पर सियासी दल अपने समीकरण साधने में भी जुटे हैं। फिलहाल सपा, बसपा, कांग्रेस के साथ ही भाजपा और अन्य दल भी मंथन में जुटे हैं।