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सोनभद्र नरसंहार : विधायक ने सीएम को 6 महीने पहले लिखा था खत, जमीन विवाद को लेकर किया था आगाह

Wed, 24 Jul 2019 12:10 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
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सीएम योगी को विधायक द्वारा लिखा गया खत और हस्ताक्षर के साथ अंकित तारीख (लाल घेरे में) - फोटो : अमर उजाला
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सोनभद्र के उभ्भा नरसंहार के मामले में हर रोज कोई ना कोई नया ट्विस्ट देखने को मिल रहा है। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम लिखा विधायक का खत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें विधायक ने मुख्यमंत्री को जमीनी विवाद को लेकर पहले ही आगाह कर दिया था।

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घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में जमीन संबंधी विवाद को लेकर आदिवासियों के उत्पीड़न का मुद्दा छह माह पूर्व ही दुद्धी विधायक हरिराम चेरो ने उठाया था। हरिराम चेरो ने 14 जनवरी 2019 को ही इससे संबंधित पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा था और आरोप लगाया था कि भूमाफिया आदिवासियों की पैतृक भूमि जबरदस्ती हड़पने के चक्कर में हैं।

मंगलवार को उनका यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। विधायक ने इस पत्र के सही होने की पुष्टि की और कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पहले ही आगाह किया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

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विधायक ने खत में लिखी थीं ये बातें

विधायक ने 14 जनवरी को मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखा था। जिसमें यह बताया कि घोरावल तहसील के उभ्भा गांव के आदिवासियों की जमीन इनकी गरीबी, अज्ञानता का फायदा उठाकर भू-माफिया ने छीना है। यहां के गरीब आदिवासी गोड़ जाति के लोग जो आजादी के पहले से ही ग्राम उभ्भा में रहकर ग्राम समाज की जमीन पर मकान बनाकर खेती कर रहे हैं।

ग्राम समाज की जमीन पर उभ्भा गांव के 1200 लोग अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। इन आदिवासियों के पूर्वज गरीब और अशिक्षित होने के कारण जमीन अपने नाम नहीं करा पाये हैं। इसका फायदा भू-माफिया महेश्वरी प्रसाद नारायण सिन्हा ने एक सहकारी समिति बनाकर तत्कालीन उप जिलाधिकारी व तहसीलदार से साठगांठ कर करीब छह सौ बीघा गोड़ आदिवासियों के कब्जे वाली ग्राम समाज की जमीन 17 दिसंबर 1955 को अपनी सोसाइटी आदर्श को-आपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के नाम करा लिए।

उस सोसाइटी की जिले में एक भी शाखा नहीं है, न ही प्रतिनिधि है। इससे यह प्रतीत होता है कि यह सोसाइटी फर्जी है। वर्तमान में उस जमीन में से करीब दो सौ बीघा जमीन माहेश्वरी नारायण सिन्हा के वारिस आशा मिश्रा एवं विनिता शर्मा ने अधिकारियों से मिलीभगत कर ग्राम मूर्तिया के वर्तमान प्रधान यज्ञदत्त भूर्तिया एवं ग्राम प्रधान के रिश्तेदारों को बेच दिया है।

ग्राम प्रधान के साथ अन्य लोग व आशा मिश्रा एवं विनिता जमीन को कब्जा करने के लिए उभ्भा ग्राम के आदिवासियों पर फर्जी मुकदमे कर रहे हैं। विधायक ने पत्र में अनुरोध किया था कि जनहित व आदिवासी पर हो रहे अन्याय को ध्यान में लेते हुए इस प्रकरण की किसी बड़ी एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
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