चंद्रशेखर ने इस नरसंहार के लिए सरकार व प्रशासन को जिम्मेदार बताया और ग्रामीणों से कहा पूरी भीम आर्मी उभ्भा के दलितों और आदिवासियों के साथ है। उनके लिए हर तरह की लड़ाई लड़ने को हम तैयार हैं। इसके बाद आनन-फानन में चंद्रशेखर आजाद वहां से चले गए।
चंद्रशेखर मात्र 15 मिनट तक उभ्भा गांव में रहे। वापस लौटते समय चंद्रशेखर और उनके साथियों ने जमकर लाल सलाम और जय भीम के नारे लगाए। उधर रावण के उभ्भा गांव पहुंचने और वहां से रवानगी की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
इस मौके पर भीम आर्मी के पूर्वांचल प्रभारी पीके सागर, भदोही जिलाध्यक्ष सौरभ गौतम, मिर्जापुर जिलाध्यक्ष मुकेश सक्सेना, फैजाबाद जिलाध्यक्ष दिवेश कुमार, वाराणसी जिलाध्यक्ष दशानन, चंदौली जिलाध्यक्ष चंद्रबली भास्कर शामिल रहे।