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Varanasi: पॉश कॉलोनियों से कुत्ते हटाने के लिए विधायक और पार्षद करते हैं सिफारिश, काशीवासियों ने दी ये सलाह

Tue, 26 Aug 2025 01:26 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी जिले की पॉश कॉलोनियों में कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। यहां आवारा कुत्ते ज्यादा हैं इसलिए इन्हें पकड़ने के लिए नगर निगम की टीम को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। 
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अमर उजाला कार्यालय में संवाद के दौरान मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता और पशु चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी शहर की पॉश कॉलोनियों में कुत्तों का आतंक व्याप्त है। यहां रहने वाले कुत्तों से निजात पाने के लिए जनप्रतिनिधियों (विधायक और पार्षद) से सिफारिश लगाते हैं। खुद भी नगर निगम के कंट्रोल रूम में फोन करते हैं और उन्हें पकड़ने की गुजारिश करते हैं। आवारा कुत्ते ज्यादा हैं इसलिए इन्हें पकड़ने के लिए नगर निगम की टीम को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद के दौरान समाज में अलग-अलग जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले लोगों ने कुत्तों के आतंक और उनके संरक्षण पर अपनी बातें रखीं।  

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नसबंदी-टीकाकरण बेहद जरूरी
कुत्तों को अपने बच्चों की तरह ही पालना चाहिए। इनका ख्याल रखना जरूरी होता है। कुत्तों को अगर प्यार करिएगा तो कोई परेशानी नहीं होगी। कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण भी कराया जाना चाहिए। वर्तमान समय में ये दोनों ही काम नहीं रहा है। -भावना टंडन, शिक्षक

40 से अधिक कुत्तों का रखती हूं ध्यान
कम्यूनिटी डॉग काटते नहीं। स्ट्रीट डॉग को उकसाया जाएगा तो ये काट लेते हैं। इसके अलावा वाइल्ड डॉग। ये ऐसे कुत्ते होते हैं जो ग्रामीण इलाकों में जंगल कटने की वजह से जंगली हो जाते हैं। वर्तमान परिस्थिति में एसपीसीए यानी सोसाइटी फॉर प्रिवेंटिव एनिमल का एक्टिव होना जरूरी है। -स्वाति बालानी, पशु प्रेमी
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इन्हें प्यार करने की जरूरत
कुत्तों के साथ हर दिन रहता हूं। कॉलोनी में बहुत से कुत्ते हैं, जिन्हें हर दिन खाना खिलाता हूं। इसी वजह से वह मेरे पास रहते हैं। कुत्तों को प्यार करने की जरूरत है। सह सब समझते हैं। जितना प्यार कुत्ते कर सकते हैं, उतना कोई नहीं करता। कुत्तों के प्रति अच्छा व्यवहार होना चाहिए। -मनोज कुमार, पशु प्रेमी

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कुत्ता काटने पर 15 मिनट तक धुलें, तुरंत लगवाएं एआरवी

अगर किसी को कुत्ते ने काट लिया तो बिना किसी देरी के 15 मिनट तक बहते पानी में शरीर के उस जगह की साबुन से धुलाई करनी चाहिए। स्प्रिंट और बिटाडीन लगाना बेहतर होगा। इसके बाद एआरवी यानी एंटी रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए। इस बात का ध्यान देना चाहिए कि जितनी देर होगी, उतना ही संक्रमण फैलने का डर रहता है। इन दिनों स्वास्थ्य केंद्र पर हर दिन 40 से 50 मामले कुत्ते के काटने के आ रहे हैं। इसमें भी पालतू कुत्ते ज्यादा हैं। बच्चों को कुत्ता अधिक काट रहा है। अगर कोई कुत्ता दौड़ाकर काटता है तो यह समझना चाहिए कि यह बीमार है। उसमें रैचीज के लक्षण आ रहे हैं। डॉ. जीए खान, बाल रोग विशेषज्ञ, शहरी सीएचसी काशी विद्यापीठ

एबीसी सेंटर में रखे जाएंगे 8200 कुत्ते
कुत्ता काटने की घटनाएं शहर के बीच के इलाकों में अधिक देखने को मिलती है। जिन जगहों पर शिकायत मिलती हैं. वहां टीम भेजकर कुसों का टीकाकरण कराया जा रहा है। कुचों को पकड़वाने के लिए हर दिन फोन भी आते हैं। फिलहाल ऐड़े में एबीसी सेंटर बनाया जा रहा है। महां पर 8200 कुत्तों को रखने की व्यवस्था है। -डॉ. शशांक, नगर निगम पशु अस्पताल
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