आम के पेड़ के पास बातचीत करते किसान।
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चोलापुर ब्लॉक के बबियाव गांव स्थित जयश्री बाग और नर्सरी में मियाजाकी का पौधा 2021 में प्रगतिशील किसान सगे भाई शैलेंद्र रघुवंशी और सौरभ रघुवंशी के द्वारा पुना की संस्था के माध्यम से जापान से मंगाया गया। 2021 में मियाजाकी का दो पौधा आने के बाद 6 माह उसे अपनी देखरेख में रखा गया। ताकि यहां के वातावरण में वो ढल जाए।
उसके बाद बाग में दोनों पौधो को लगा दिए गया। हालांकि, एक पौधे से कलम करके 20 पौधे 2023 में लगा दिए गए, जो अगले साल से फल देना शुरू कर देंगे। एक पौधे को इसी तरह से छोड़ दिया गया। जिसमें पहली बार 2024 में एक दर्जन की संख्या में आम का फल आया।
इस साल 2025 में दर्जनों आम आए। लेकिन पौधे में इस समय सात आम फल लिए हुए हैं, जिनके वजन 300 ग्राम तक हैं। इसकी अंतराष्ट्रीय कीमत लगभग 5 से 6 लाख रुपये होगी। मौके पर खरीदार भी पहुंचने लगे हैं, लेकिन अभी बिक्री नहीं हो पाई है।
इसकी सुरक्षा के लिए सीसी कैमरा सहित मौके पर कुत्ता भी बांध दिया गया है। प्रगतिशील किसान शैलेंद्र सिंह ने बताया कि कलम कर पौधे तैयार किए जा रहे हैं। जिन्हें 1000 से 1200 रुपए प्रति पेड़ तक बेचा जा रहा है। मेरे पास 50 पौधे तैयार हैं। इन पौधों की डिमांड ऑनलाइन देश के कई कोनों से हो रही है। जिसे भेजा भी जा रहा है।