वेतन विसंगति सहित दस सूत्रीय मांगों के समर्थन में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर मंगलवार को कई विभागों में कलमबंद हड़ताल का मिला जुला असर रहा। कोषागार में स्टांप की निकासी नहीं होने से तकरीबन 3 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया गया है। परिषद ने तय किया है कि बुधवार को सिंचाई और कोषागार में सभा होगी। कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार को अल्टीमेटम दिया कि मांगों पर विचार नहीं हुआ तो 23 फरवरी से वे हड़ताल पर चले जाएंगे।
परिषद के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार सिंह ने हड़ताल को सफल बताया। जिला मंत्री श्यामराज यादव ने कहा कि हड़ताल के दौरान मानवीय आधार पर काम किया गया। विशेष आमंत्रित सदस्य शशिकांत श्रीवास्तव ने कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो आर पार की लड़ाई होगी। विकास भवन में लेखा विभाग के सुरेंद्र नाथ पांडेय ने भी मांगों को रखा। कोषागार कार्यालय के बाहर हुई सभा में संघ के अध्यक्ष प्रमोद श्रीवास्तव ने अपने विचार रखे। विकास प्राधिकरण में सभा के दौरान संघ के अध्यक्ष दिवाकर द्विवेदी ने मांगों पर प्रकाश डाला। वाणिज्यकर विभाग में हुई सभा में कॉमर्शियल टैक्स मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के संयोजक श्रवण कुमार ने कर्मचारी हितों की बातें कही। इस हड़ताल को कोषागार, समाज कल्याण, लेखा विभाग, तहसील, आबकारी, व्यापार कर, श्रम, सिंचाई, शिक्षा, बाट-माप, उद्योग, रेशम, उद्यान, मत्स्य, स्वास्थ्य, वीडीए, रोडवेज, वन विभाग, पीडब्ल्यूडी आदि विभागों में परिषद से जुड़े कर्मचारियों का समर्थन मिला।