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वाराणसीः हत्या के आरोप में डेढ़ साल से कैद मिट्ठू हाथी को मिली आजादी, दुधवा नेशनल पार्क भेजा गया

Mon, 14 Jun 2021 03:04 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी/ चंदौली

सार

चंदौली जिले के बबुरी मेले में 26 अक्टूबर 2019 को  हाथी मिट्ठू ने रमाशंकर सिंह नाम के व्यक्ति की पटक कर हत्या कर दी थी। जिसके बाद से वन विभाग ने हाथी को कब्जे में लेकर वन्य विभाग रामनगर में जंजीर से बांध दिया। तब से अब तक यह हाथी रामनगर के वन्यजीव संरक्षण विभाग में एक जगह पर ही था। 
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दुधवा नेशनल पार्क भेजा गया मिट्ठू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक व्यापारी की हत्या के आरोप में वाराणसी के रामनगर स्थित वन्य जीव विभाग में पिछले डेढ़ वर्ष से कैद हाथी मिट्ठू को रविवार की देर शाम लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा नेशनल पार्क भेज दिया गया। धूप, गर्मी और बरसात में एक ही जगह खड़े होकर सजा भुगत रहे बेजुबान हाथी की खबर अमर उजाला ने सात मई को ‘जंजीर में जकड़ा बेजुबान, कोई नहीं दे रहा ध्यान’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेकर वाराणसी पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने हाथी को दुधवा भेजने की पहल की। जिसके बाद रविवार को दुधवा की टीम एक विशेष वैन से हाथी को दुधवा ले गई।

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चंदौली जिले के बबुरी मेले में 26 अक्टूबर 2019 को इस हाथी मिट्ठू ने रमाशंकर सिंह नाम के व्यक्ति की पटक कर हत्या कर दी थी। जिसके बाद से वन विभाग ने हाथी को कब्जे में लेकर वन्य विभाग रामनगर में जंजीर से बांध दिया। तब से अब तक यह हाथी वहीं एक जगह पर ही था।

मिट्ठू हाथी के जौनपुर निवासी मालिक प्रेमशंकर तिवारी ने हाईकोर्ट में अपील भी की। मगर, लॉकडाउन की वजह से मामले की सुनवाई नहीं हो पा रही है। हाथी को जून 2020 में वन विभाग की ओर से एक बार दुधवा नेशनल पार्क भेजे जाने का प्रयास किया गया। मगर उस दिन हाथी मतवाला हो गया और उसने गुस्से में विभाग की चारदिवारी तोड़ दी।

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वाराणसी कमिश्नर ने की पहल

दुधवा नेशनल पार्क की टीम एक विशेष वैन से हाथी को ले गई। - फोटो : अमर उजाला
चार महीने बाद भी हाथी का मतवालापन  खत्म नहीं हुआ तो दुधवा नेशनल पार्क ने उसे ले जाने से इंकार कर दिया। आशंका थी कि हाथी मिट्ठू दुधवा नेशनल पार्क में उत्पात मचा सकता है। फिर वन विभाग ने मथुरा स्थित एक रेस्क्यू सेंटर में संपर्क किया। वह हाथी को ले जाने को तैयार था पर वन विभाग की प्रार्थना को सीजीएम कोर्ट ने अस्वीकार कर दिया। 

हाथी के मालिक ने हाइकोर्ट में भी अपील की है पर अभी तक सुनवाई नहीं हुई। अमर उजाला ने सात जून के अंक में ‘जंजीर में जकड़ा बेजुबान, कोई नहीं दे रहा ध्यान’ शीर्षक से प्रकाशित की थी। जिसके बाद पशु प्रेमी वाराणसी पुलिस कमीश्नर ए सतीश गणेश ने इस संदर्भ में दुधवा नेशनल पार्क के अधीक्षक से हाथी को दुधवा ले जाने की बात की।

दुधवा के अधीक्षक ने आश्वासन दिया कि जल्द ही हाथी को राम नगर से ले जाया जाएगा। रविवार को दुधवा नेशनल पार्क से डॉक्टरों की टीम वाराणसी आई। आराम करने के बाद शाम को टीम  वन्य जीव विभाग रामनगर आई। हाथी को एक विशेष वाहन में लाद कर ले गई। 

मिट्ठू हाथी दुधवा नेशनल पार्क भेजा गया - फोटो : अमर उजाला
चंदौली के जिला वन अधिकारी दिनेश सिंह ने बताया कि हाथी को दुधवा नेशनल पार्क ले जानी की बात काफी पहले से चल रही थी। पिछले साल भी टीम आई थी पर मतवालेपन की वजह से वह नहीं जा सका। मई के अंत में दुधवा नेशनल पार्क से फोन आया था कि हाथी को वहां ले जाया जाएगा। रविवार की सुबह दुधवा पार्क की टीम वाराणसी आई। पर मुझे दोपहर में यह सूचना मिली की हाथी को आज ले जाना है। फिर मैंने जरूरी कागजात तैयार कराए फिर देर शाम हाथी को टीम एक विशेष वाहन से ले गई। बताया गया कि वहां उसे छह महीने तक आइसोलेशन में रखा जाएगा। 
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हाथी की देखभाल के लिए वाराणसी से गए दो लोग

डेढ़ वर्ष बाद बेड़ियों से आजाद हुआ वाराणसी का मिट्ठू हाथी - फोटो : अमर उजाला
काशी वन्य प्रभाग के रामनगर कार्यालय परिसर में कैद हाथी मिट्ठू को लखीमपुर खीरी स्थित नेशनल पार्क ले जाने के लिए सोमवार को छह सदस्यीय टीम आई थी। दुधवा नेशनल पार्क के पशु चिकित्सक दयाशंकर के नेतृत्व में चार प्रशिक्षित महावत सानू, इरशाद, माहताब और रईश के साथ एलीफेंट केयर सेंटर के पशु चिकित्सक राहुल भटनागर भी आए थे।

मिट्टू के साथ काशी वन प्रभाग के महावत और डेढ़ सालों से यहां हाथी की देखभाल करने वाले आसिफ और चारा कटर टिंकू राय भी दुधवा नेशनल पार्क गए हैं। वहां ये छह महीने तक हाथी के साथ रहेंगे। हाथी मिट्ठू को लखीमपुर खीरी के सोनारीपुर रेंज के गुलरा वन चौकी में रखा जाना है।
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