भाजपा संगठन द्वारा पिछले लंबे समय से जिला व महानगर अध्यक्ष पद पर बदलाव की तैयारी चल रही थी। आवेदन लेने के बाद उनकी जांच पड़ताल के अलावा जातीय संतुलन आदि को देखते हुए यह भी मंथन किया गया कि किस पद पर किसकी तैनाती की जाएगी। इसे लेकर जिले से क्षेत्र व प्रदेश स्तर तक पर समीक्षा की गई। घोषी उपचुनाव के बाद इसकी घोषणा के संकेत थे।