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काशी प्रवास पर संघ प्रमुख मोहन भागवत, मिशन 2019 के लिए तैयार किया जाएगा रोडमैप

Fri, 16 Feb 2018 01:35 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
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पांच दिवसीय प्रवास पर काशी पहुंचे संघ प्रमुख मोहन भागवत - फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत का  पांच दिवसीय काशी प्रवास कई मायनों में महत्वपूर्ण होगा। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार के कामकाज की विकास कार्यों को केंद्र बिंदु बनाकर समीक्षा करने के साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा।
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इसके लिए हिंदुत्व, गोरक्षा और राम मंदिर एजेंडे के अलावा अयोध्या, काशी और मथुरा पर मंथन किया जाएगा।  सामाजिक समरसता, ग्राम्य विकास, कुटुंब प्रबोधन, विचार परिवार, संगठन के कार्यों पर वृहद मंथन होगा।

काशी पहुंचने के बाद संघ प्रमुख ने शाम को कोर कमेटी के पदाधिकारियों के संग बैठक की। इसमें समागम का एजेंडा तय किया गया। शुक्रवार सुबह नौ बजे संघ प्रमुख दीनदयाल हस्तकला संकुल में सत्र का उद्घाटन करेंगे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में होने जा रहे पांच दिवसीय कार्यक्रम में विकास कार्यों के अलावा मोदी और योगी सरकार के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। काशी के विकास पर फोकस के साथ ही सरकारी योजनाओं के गांव और आम आदमी पर असर के बारे में विचार-विमर्श के लिए दो सौ से अधिक सवाल तैयार किए गए हैं। इन सवालों पर संघ जिला कार्यकारिणी स्तर से फीडबैक लेकर भाजपा के लिए 2019 की राह आसान करने के लिए मार्गदर्शन देगा। 

20 फरवरी तक संघ प्रमुख के प्रवास के दौरान संकुल में प्रतिदिन सुबह शाखा लगेगी। सुबह नौ बजे से सत्र शुरू होगा। प्रतिदिन एक-डेढ़ घंटे के चार से पांच सत्रों में संघ पदाधिकारियों से चर्चा की जाएगी।

इसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। जानकारों का कहना है कि संघ और भाजपा का विस्तार के बाद असंतुष्टों को लेकर संघ गंभीर है। इसमें समन्वय के लिए संघ ने रूपरेखा बना ली है।
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काशी से संघ देगा सामाजिक समरसता पर विशेष संदेश

पांच दिवसीय काशी प्रवास पर पटना से दीनदयाल हस्तकला संकुल पहुंचे सर संघ चालक - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत पांच दिन के काशी प्रवास के दौरान सामाजिक समरसता पर खास चर्चा करेंगे। सर्व समावेशी और सर्व स्पर्शी की नीति मानने वाला संघ इसके जरिए हिंदुत्व और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को और विस्तार देगा। काशी में इस मुद्दे पर वृहद मंथन के बाद इस बारे में मार्गदर्शन किया जाएगा। 

 जानकारों के मुताबिक जिस तरह से आरएसएस का विस्तार हो रहा है, उससे सामंजस्य बैठाने के लिए सामाजिक समरसता पर संघ का विशेष जोर है। इसके लिए संघ कई सामाजिक समस्याओं और बुराइयों को भी समाधान करने की कोशिश में है। यही नहीं, माना जा रहा है कि सामाजिक समरसता के बिना संघ का हिंदुत्व और राम मंदिर एजेंडा साकार नहीं होगा। 

संघ प्रमुख ने नागपुर में संघ के तृतीय सर संघ चालक बाला साहेब देवरस की जन्मशती पर व्याख्यान में कहा था कि देश के विकास के लिए सामाजिक एकता की आवश्यकता होती है। समाज में एकता की पूर्व शर्त है सामाजिक समता। जब समता आएगी तो सामाजिक एकता अपने आप आएगी। इसके लिए हमें प्रयत्न करना होगा।
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कांग्रेस ने संघ प्रमुख के कार्यक्रम पर जताया विरोध

कांग्रेस के एक प्रतिनिधि मंडल ने डीएम को सौंपा ज्ञापन - फोटो : अमर उजाला
संघ प्रमुख मोहन भागवत के सेना पर बयान को लेकर मचे सियासी घमासान के बाद वाराणसी आगमन पर में उनके एक सरकारी भवन में रुकने पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। विरोध स्वरूप कांग्रेस के एक प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार को जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र से मिलकर राज्यपाल के नाम उन्हें ज्ञापन दिया है।

प्रतिनिधिमंडल ने संघ प्रमुख के दीनदयाल हस्तकला संकुल में रुकने पर कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा, पूर्व विधायक अजय राय और पूर्व सांसद राजेश मिश्रा ने कहा कि संघ के लोग स्कूलों-कॉलेजों में तो अपनी शाखाएं लगाकर उसका राजनीतिकरण कर रहे थे लेकिन अब गरीबों और बुनकरों के लिए बनाए गए संकुल का इस्तेमाल संघ की गतिविधियों के लिए करना हस्तशिल्पियों का अपमान है।
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