परिजनों ने बताया कि सूरज जब गांव आते थे तो गांव के युवाओं को डिफेंस में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे। इस बार भी उन्होंने बताया था कि अगस्त में आएंगे तो युवाओं को तैयारी कराएंगे।
पिता ने कहा कि सूरज, अपने दोनों छोटे भाई विक्रांत और प्रिंस को भी डिफेंस में जाने के लिए कहते थे। सूरज कहते थे कि देश की सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है।