सीएचसी में बच्चों के डॉक्टर और बेहतर चिकित्सकीय सुविधा नहीं होने के कारण तीनों नवजात शिशुओं ने एक के बाद एक दम तोड़ दिया। सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. हरिश्चंद्र ने बताया कि महिला को सातवें माह में ही प्रसव पीड़ा हुई।
डॉ. हरिश्चंद्र ने बताया कि समय से पहले और एक साथ तीन बच्चे पैदा होने के कारण बच्चे काफी कमजोर पैदा हुए। जिस वजह से नवजात शिशुओं को नहीं बचाया जा सका। प्रसव के बाद महिला का उपचार जारी है और उसकी हालत में सुधार हो रहा है।