इसके बदले शुल्क जमा करवाया गया। 19 दिसंबर 2024 को बच्चा पैदा हुआ लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि बच्चा मृत पैदा हुआ है। आरोप लगाया कि अब नवजात का शव मांगा गया तो उससे और उसके परिजनों को मारपीट की गई। जबकि पीड़िता व उसकी मां का दावा था कि बच्चा जिंदा था और रो भी रहा था। कुछ देर बाद ही पीड़िता से कहा गया कि दुष्कर्म से पैदा बच्चे को रखकर क्या करोगी। पांच लाख ले लो और बच्चा दे दो। पीड़िता ने इससे इन्कार कर दिया।
इस मामले में अस्पताल संचालक समेत अन्य पर प्राथमिकी दर्ज है। कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कुछ ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की जिसे निरस्त कर दिया गया है। आरोप है कि इस मामले में चिकित्सक अंजु सिंह समेत दो की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है वह फरार चल रहे हैं।
दुष्कर्म के आरोपी ने बच्चे को अपना मानने से इन्कार कर दिया है और इस वक्त जेल है। शक के आधार पर पुलिस ने एक बच्चे की डीएनए जांच कराई है। प्रयागराज से अभी डीएनए की रिपोर्ट आनी है। इस मामले में बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट पर मानव तस्करी की धारा भी प्राथमिकी में बढ़ाई गई है।
मामला संज्ञान में है। एसीपी भेलूपुर इसकी जांच कर रहे हैं। इस मामले में एक बच्चे का डीएनए जांच के लिए प्रयागराज भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी। - गौरव बंशवाल, डीसीपी काशी जोन