समुद्र में लापता अरविंद के रोते बिलखते परिजन
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ऊंची लहर की चपेट में आने से हादसा
कंपनी के आधिकारिक पत्र में बताया गया है कि पोर्ट पर पहुंचने से पहले लैडर रिगिंग प्रक्रिया के दौरान ऊंची लहर की चपेट में आने से अरविंद समुद्र में गिर गया। उसकी तलाश की जा रही है। परिजनों का कहना है कि कंपनी ने अरविंद के लापता होने की सूचना दी है। उन्होंने घटना पर शक जाहिर करते हुए कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
परिजनों का आरोप है कि अरविंद को सेफ्टी हार्नेस (एक प्रकार की रस्सी जो हुक से जुड़ी होती है और गिरने से बचाती है) नहीं दिया गया था। ऐसा होता तो वह समुद्र में नहीं गिरता। कहा कि मर्चेंट नेवी में तैनात लोग बढ़िया तैराक होते हैं। दूसरे, सेफ्टी बोट व बचाव दल भी जलपोतों पर होते हैं। इतनी जल्दी कैसे लोगों की आंखों के सामने अरविंद समुद्र में लापता हो गया। बताया कि अरविंद के तीन दिसंबर को लापता होने की सूचना मिली और अभी तक उसका पता नहीं चल पाया है। परिजनों ने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
जब सोमालिया के लुटेरों ने कब्जे में ले लिया था जलपोत
2013 में सोमालियन लुटेरों ने एक जहाज को कब्जे में ले लिया था। उसमें अरविंद भी सवार थे। लूटपाट के बाद उस जहाज को अनुमति पत्र न होने के बावजूद ईरान की सीमा में प्रवेश करा दिया गया था। इसके चलते उनका जहाज कई महीने ईरान के पोर्ट पर खड़ा रहा और वे सभी बंधक जैसी स्थिति में रहे। ईरान की जल सेना ने जहाज को कब्जे में कर लिया था। इसके बाद 2015 में तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के दखल के बाद वे मुक्त होने के बाद वापस आए थे।