फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिर्जापुर में एक थानाध्यक्ष और दो सिपाही निलंबित, दो थाना प्रभारी लाइन हाजिर

Mon, 18 Dec 2017 01:56 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला,मिर्जापुर
विज्ञापन
UP Police
विज्ञापन

विज्ञापन
सपा कार्यकर्ता हत्याकांड में लापरवाही के आरोप में मिर्जापुर एसपी आशीष तिवारी ने अहरौरा थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह, सिपाही धरमपाल सिंह एवं कछवां के सिपाही श्रीनिवास को शनिवार देर रात निलंबित कर दिया है। मामले की जांच एएसपी ऑपरेशन एके सिंह को सौंपी गई है।

मड़िहान के निकरिका के बेदऊर में नौ दिसंबर की रात अहरौरा के मीरापुर गांव निवासी सनोज की हत्या कर दी गई थी। सपा नेताओं ने अहरौरा में तैनात सिपाही धरमपाल एवं कछवां में तैनात सिपाही श्रीनिवास यादव पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी।
विज्ञापन


हत्याकांड के बाद सनोज के साथ घटनास्थल पर गए दो अन्य लोग क्षेत्र में दिखे थे लेकिन थानाध्यक्ष ने न उनकी गिरफ्तारी और न ही उनसे पूछताछ की। इससे वे फरार हो गए। एसपी आशीष तिवारी ने इसे लापरवाही मानते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

उन्होंने एएसपी आपरेशन एके सिंह को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा। एसपी ने बताया कि अहरौरा थानाध्यक्ष, सिपाही धरमपाल सिंह तथा कछवां थाने के सिपाही श्रीनिवास को सनोज हत्याकांड में निलंबित कर दिया गया है। तीनों पर लापरवाही का आरोप है। 

इधर,  एसपी आशीष तिवारी ने जिगना थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह और हलिया थानाध्यक्ष विनोद दूबे को कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में शनिवार की देर रात लाइन हाजिर कर दिया।
 
विज्ञापन

बुजुर्ग को गिरफ्तार कर कई दिन तक रखा था थाने में

UP Police
पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने जिगना थाना प्रभारी मनोज कुमार सिंह और हलिया थानाध्यक्ष विनोद दूबे को कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में शनिवार की देर रात लाइन हाजिर कर दिया है।

पुलिस अधीक्षक ने लाइन हाजिर किए गए हलिया थानाध्यक्ष के स्थान पर पटेहरा पुलिस चौकी में तैनात रहे राजेश प्रताप सिंह को हलिया का नया थाना प्रभारी बनाया है। पुलिस लाइन में तैनात रहे विवेकानंद उपाध्याय को जिगना का थानाध्यक्ष बनाकर भेजा है। 

पुलिस सूत्रों की मानें तो गत दिनों जिगना थाना प्रभारी ने एक बुजुर्ग को गिरफ़्तार कर कार्रवाई करने के बजाय कई दिनों तक थाने में रखा था। उसका मामला सुुर्खियों में आने पर जब अधिकारियों ने पूछताछ की तो आनन फानन में उसका चालान कर दिया।

इसी प्रकार हलिया थानाध्यक्ष पर घटनाओं का समय पर खुलासा नहीं करने और लगातार कार्य में लापरवाही बरतने की शिकायत मिलने पर एसपी ने लाइन हाजिर कर दिया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें