उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के मुकेरी बाजार में मंगलवार शाम और बुधवार शाम हुए बवाल के बाद तनाव बरकरार है। लगातार दो बड़ी घटनाओं के मद्देनदर प्रशासन अलर्ट मोड में है। क्षेत्र में फोर्स अभी तैनात है। गुरुवार को संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन कैमरे से निगरानी जारी रही।
दो दिनों से नगर के मुकेरी बाजार समेत अन्य इलाकों में चल रहा दो समुदायों के बीच संघर्ष तीसरे दिन थम गया। हालांकि पूरे दिन तनाव की स्थिति बनी रही। तनाव को देखते हुए नगर की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। बवाल के डर से लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकले। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। एहतियात के तौर पर पूरे नगर के चौराहों पर फोर्स तैनात रही। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी नगर में भ्रमण कर शांति व्यवस्था का जायजा लेते रहे। बवाल को देखते हुए अधिकांश स्कूल भी बंद रहे।
बता दें कि 20 नवंबर मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद की जन जागरण जुलूस के दौरान गुरहट्टी चौराहे पर झालर में झंडा छू जाने से दो समुदायों के बीच विवाद हो गया था। मामला बढ़ने पर पथराव होने लगा था। इससे वहां अफरा तफरी मच गई। भारी संख्या में फोर्स पहुंच गई थी। दूसरे दिन बुधवार को भी वारावफात के त्योहार पर भी किसी ने पथराव कर दिया जिससे माहौल पूरी तरह से फिर बिगड़ गया था। पूरे शहर में मारपीट व पथराव होने लगा। 22 से अधिक बाइके तोड़ दी गई।
एटीएम को भी नुकसान पहुंचाया गया। बवाल की खबर लगते ही हर गली मोहल्ले में लोग एक दूसरे पर पथराव करने लगे। दो दिनों तक मचे बवाल के बाद तीसरे दिन गुुरुवार को स्थिति सामान्य रही। छोटी मोटी नोकझोंक को छोड़ दी जाए तो कही बड़ा बवाल होने की सूचना नहीं मिला। प्रशासन की सख्ती के चलते लोग शांत हो गए।
बवाल देखते हुए मुकेरी बाजार, गुरहटटी चौराहा सरैया, रतनगंज, गनेशगंज, त्रिमुहानी, घंटाघर, डंकीनगंज, मकरी खोह, वासलीगंज, संगमोहाल आदि स्थानों के अधिकांश दुकानदारों ने अपनी अपनी बंद रखीं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। नगर के सारे स्कूल बंद रहे। जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने कहा कि स्थिति सामान्य है, कही पर किसी प्रकार की बवाल होने की सूचना नहीं मिली है। एहतियात के तौर पर फोर्स तैनात कर दी गई है।