मिर्जा गालिब की 223वीं जयंती पर सजी महफिल में शायरी और गजलों की प्रस्तुति कर कलाकारों ने गालिब को याद किया। अक ओमास की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति से शाम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में जाने माने गीतकार शकील आजमी ने मिर्जा गालिब की शायरी से जुड़ी अहम बातों को लोगों के सामने रखा। उन्होंने कहा कि गालिब देश के उन चंद साहित्यकारों में हैं, जिन्होंने मजहबी फंदों से निकलकर नए जमाने और आजादी की शायरी की। इस दौरान सांत्वना मिश्रा ने गालिब की गजलों को सुरीले अंदाज में प्रस्तुत किया। बीएचयू उर्दू विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. नसीम अहमद की अध्यक्षता में आयोजित मुशायरे में शायर सावन कुमार, शाद अब्बासी, फरहान अब्बासी, मंजरी पांडेय आदि लोगों ने अपनी रचनाओं से गालिब को याद किया। कार्यक्रम में हितेश अक, इमरान हसन, मिसेज इंडिया प्रज्ञा पांडेय, बिंकल शुक्ला, सोनिया डिडवानिया, गोपाल शंकर, विवेक शुक्ला, संजय, सलमान खुर्शीद आदि मौजूद रहे।