गंगा में मूर्ति विसर्जन पर जारी गतिरोध के बीच शनिवार को काशी पहुंचे केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति राज्यमंत्री महेश शर्मा ने इस विवाद से जुड़े पहलुओं की जानकारी ली। अंदरखाने उन्होंने इस मसले पर पार्टी कार्यकर्ताओं की भी नब्ज टटोली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय कार्यालय में जनता की समस्याएं सुनने का बाद उन्होंने एक सवाल के जवाब में जहां गंगा में फैलते प्रदूषण पर चिंता जताई, वहीं कहा कि गंगा में मूर्ति विसर्जन पर धार्मिक भावना का आदर किया जाना चाहिए।
पीएम के संसदीय क्षेत्र में हफ्ते भर पहले गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर धरना दे रहे साधु-संतों पर लाठीचार्ज के बाद किसी केंद्रीय मंत्री का यह पहला काशी दौरा था। बता दें कि मूर्ति विसर्जन मसले पर जहां भाजपा खुलकर संतों के साथ मैदान में उतर गई है, वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी इस मुद्दे को भुनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। पूजा समितियों और प्रशासन के बीच टकराव के मसले पर पार्टी और केंद्र सरकार के रुख को लेकर महेश शर्मा बहुत खुले नहीं लेकिन उन्होंने इस मसले पर कार्यकर्ताओं
का मन टटोलने की कोशिश की। दिन के करीब 11:45 बजे रवींद्रपुरी स्थित प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने खड़े-खड़े जनता की समस्याएं सुनीं। लोगों से आत्मीयता के साथ मिलते रहे। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान अमर उजाला के सवाल पर उन्होंने कहा कि मूर्ति विसर्जन पर धार्मिक भावनाओं का ख्याल रखा जाना चाहिए। साथ ही, जोड़ा कि गंगा में प्रदूषण किसी भी वजह से
नहीं फैलना चाहिए। इस मसले का सर्वमान्य हल निकालने पर उन्होंने जोर दिया। इसके बाद संसदीय कार्यालय प्रमुख शिव शरण पाठक ने कहा कि साधु-संतों का अपमान भाजपा किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं कर सकती। विसर्जन मुद्दे पर पार्टी संतों के साथ है। पार्टी विसर्जन प्रकरण के समाधान के लिए क्या कदम उठाने जा रही है, इस पर उन्होंने टिप्पणी से इंकार कर दिया।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कहा कि दादरी में जो कुछ भी हुआ वह सभ्य समाज के लिए धब्बा जैसा है। बताया कि इस घटना की जानकारी मिलने के बाद जब वह मारे गए युवक के भाई से मिलने गए तब गांव के लोगों ने भी इस घटना पर उनसे इसी तरह का अफसोस जताया था। यह पूछने पर कि दादरी की घटना के पीछे सूबे के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव साजिश मान रहे हैं, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश में उनकी सरकार है, वह जांच करा लें। दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।