वाराणसी शहर की आबोहवा सुधारने और लोगों को प्रकृति से जोड़ने के लिए नगर निगम ने डोमरी में 39 हेक्टेयर में 4.5 लाख पौधों का मिनी जंगल बसाने की तैयारी शुरू कर दी है। मियावाकी तकनीक से तैयार होने वाला मिनी फॉरेस्ट दो वर्षों में हरियाली की घनी चादर ओढ़ लेगा।
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शहर की भागदौड़ के बीच अब सुकून की हरियाली डोमरी में नजर आएगी। तीन लाख पौधे मियावाकी पद्धति से लगाए जाएंगे, जिससे कम समय में घना और जैव विविधता से भरपूर जंगल तैयार हो सके। 50 हजार इमारती लकड़ी के पौधे और एक लाख फलदार पौधे लगाए जाएंगे। इससे जहां एक ओर पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा, वहीं भविष्य में स्थानीय स्तर पर हरित संसाधनों का भी लाभ मिल सकेगा।
नगर निगम की योजना के अनुसार, नागरिकों की सुविधा के लिए अलग से जॉगिंग ट्रैक बनाए जाएंगे, ताकि सुबह-शाम टहलने और व्यायाम करने वालों को प्राकृतिक वातावरण मिल सके। भविष्य में इस क्षेत्र को कैंपिंग स्पॉट के रूप में भी विकसित करने की तैयारी है। आवश्यक बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद डोमरी का यह जंगल शहर के लिए ग्रीन लंग्स साबित होगा।