वाराणसी। विज्ञान संकाय बीएचयू के दो दिवसीय यूथ फेस्ट ‘आकांक्षा’ के समापन पर मंगलवार को छात्र-छात्राओं ने गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों से समा बांध दिया। साथ ही, लघु नाटिका और मूक अभिनय से जहां गंगा को बचाने की अपील की, वहीं नारी उत्पीड़न की दास्तां भी बयां की।
समारोह में अंतिम दिन क्रिएटिव डांस, लोक नृत्य, वोकल सोलो, लघु नाटिका और मूक अभिनय की प्रस्तुतियां सराहनीय रही। वहीं, रॉक बैंड की धुनों पर भी विद्यार्थी खूब थिरके। ध्रुव ने अपने ग्रुप के साथ ‘बड़े भाई साहब प्रेमचंद’ के मंचन से खूब तालियां बटोरीं। यश एंड ग्रुप, संजीव सिंह ग्रुप की प्रस्तुतियां भी सराही गईं। एकल गायन में रितुपर्णा ने आपकी नजरों ने समझा प्यार के काबिल हमें... और आलोक गुप्ता ने
गीत तो फिर आओ... को सुर देकर समा बांध दिया। वहीं, प्रतीक कश्यप ग्रुप ने गंगा की दुर्दशा तो अनुपम एंड ग्रुप ने उत्पीड़ित नारी के दर्द को मूक अभिनय से बयां किया। लोकनृत्य में भारत की सांस्कृतिक छटा देखने को मिली। इसके पूर्व रॉक बैंड की धुनों पर छात्र-छात्राओं ने खूब ठुमके लगाए। अंत में संकाय प्रमुख प्रो. एके श्रीवास्तव ने विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम का संयोजन अमिया, उत्कर्षा, आलोक, जाह्नवी, दानिश, भूमि, अनुपम और सौरभ ने किया।