प्रवासी भारतीयों की सुविधा के लिए वाराणसी एयरपोर्ट पर ही प्रशासन की टीमें तैनात रहेंगी। एयरपोर्ट पर मेहमानों को खास किट मुहैया कराई जाएगी। इसमें लोकल सिम, काशी के बारे में लीफलेट सहित अन्य चीजें होंगी। एयरपोर्ट परिसर में ही हेल्प डेस्क और होल्डिंग एरिया भी बनाया जाएगा।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए प्रशासन की टीम 20 जनवरी की सुबह से ही एयरपोर्ट पर मौजूद रहेगी। एक टीम प्रवासियों को रिसीव कर उनका स्वागत करेगी और पार्किंग के पास प्रस्तावित होल्डिंग एरिया में पहुंचाएगी। यहां किट देने के बाद दूसरी टीम लाइजनिंग अफसर से संपर्क कर उन्हें गंतव्य तक पहुंचाएगी।
प्रशासन की ओर से आने वाले मेहमानों की सूची तैयार कराई जा रही है, इसमें मेहमानों के विवरण के साथ उनके आगमन की तिथि और समय होगा। इसी हिसाब से एयरपोर्ट पर उन्हें रिसीव किया जाएगा। डीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी तय उन्हें तैनात कर दिया गया है। इनके कामों की मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
‘ऐ भइया का खइबा, कहां जइबा’
सम्मेलन में आने वाले अतिथियों के स्वागत के लिए काशी तैयार है। फोन और व्हाट्सऐप के जरिये अतिथियों से उनकी रुचि, खानपान व पसंद-नापसंद की जानकारी हासिल की जा रही है। ‘भइया का खइबा, कहां जइबा’ जैसे सवाल पूरे भाव के साथ पूछे जा रहे हैं। सत्कार की तैयारी के बीच प्रवासी भारतीयों और स्थानीय लोग एक रिश्ते में बंध गए हैं।
बनारसी पान से करेंगे स्वागत
खजुरी की रहने वाली जमुना शुक्ला के घर पर मरम्मत का काम चल रहा है। उनके घर सऊदी अरब में कार्यरत अमेरिका के पेट्रो केमिकल सीनियर कंसल्टेंट मनोज तिवारी अपनी पत्नी कंचन के साथ आ रहे हैं। इसे लेकर पूरा परिवार उत्साहित है। जमुना बताती हैं कि अतिथि देवता के समान होता है। उन्होंने बताया कि व्हाट्सऐप पर के माध्यम से खानपान से जुड़ी उनकी पसंद, नापसंद को लेकर खूब बात हो रही है।
सीए जमुना बताती हैं कि अतिथियों का कहना है कि वे सादा, सात्विक भोजन करेंगे, लेकिन हमने उनके लिए काशी के खास पान के साथ साउथ इंडियन व अन्य फेमस डिसेज की तैयारी कर रखी है। उनके पति ओपी शुक्ला ने बताया कि हमारा पूरा परिवार उत्साहित है। उनके घर एक और अतिथि राज दूबे भी अपने परिवार के साथ आने वाले हैं, लेकिन अभी उनसे संपर्क नहीं हो सका है।
चूड़ा, मटर और गाजर का हलवा खिलाएंगे
महमूरगंज के रहने वाले अनुपम रघुवंशी (कैरियर काउंसलर व टाइम्स संस्थान के निदेशक) के घर आस्ट्रेलिया से शरद पाठक अपने परिवार के साथ आ रहे हैं। शरद का सिडनी में लॉजिस्टिक व सप्लाई का बिजनेस है। अनुपम का कहना है कि प्रवासी मेहमान के आने की सहमति मिलने के बाद से घर के सभी सदस्य उत्साहित हैं। अनुपम ने बताया कि शरद से उनकी कई बार बात हो चुकी है।
शरद की इच्छा है कि उनके लिए विशेष तैयारी न की जाए। जो घर में बनता है, वही खाएंगे और परिवार के सदस्यों के साथ ही काशी दर्शन करेंगे। काशी को वहां के रहने वालों से बेहतर कोई नहीं बता सकता, इसलिए वे उनके साथ ही घूमने जाएंगे। अनुपम की पत्नी शिक्षक इंदुजा सिंह बताती है कि शरद ने चूड़ा, मटर व गाजर का हलवा खाने की इच्छा जाहिर की है। अनुपम के पिता कैलाश नाथ सिंह रेल सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे।