राजेंद्र और उसके परिवार ने पुलिस चौकी में जा शिकायत की तो वहां मौजूद दरोगा वीरेंद्र यादव ने उन्हें डांट कर भगा दिया। साथ ही फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व दरोगा वीरेंद्र यादव का ट्रांसफर जीयनपुर कोतवाली के अजमतगढ़ चौकी प्रभारी पद पर हो गया था।
शुक्रवार की शाम को वीरेंद्र यादव ने अपनी यहां से रवानगी भी करवा ली पर वे रात को यहीं पर जमे रहे। दुकान ढह जाने के बाद वे रवाना हो गए। राजेंद्र ने पूरे प्रकरण का आडियो और तहरीर अधिकारियों को दी है।
शनिवार की सुबह घटना की जानकारी होने पर भाजपा जिलाध्यक्ष सहित कई लोग मौके पर पहुंच गए। बाद में पुलिस ने राजेंद्र की दुकान की मरम्मत करवाकर नया टिनशेड रखवा दिया। वहीं एसपीसिटी/प्रभारी एसपी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि तहरीर मिल चुकी है, रिपोर्ट अभी नहीं दर्ज हुई है। दुकान यथावत करवा दी गई है।
सीओ सिटी को मामले की जांच सौंपी गई है। जांच से ही पता चलेगा कि दरोगा वीरेंद्र यादव ने अपनी रवानगी के बाद ऐसा क्यों किया। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।