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ट्रांसफर होने के बाद भी दो दिन तक रूका रहा दरोगा, आधी रात इस वारदात को दिया अंजाम

Sun, 09 Sep 2018 04:24 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
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यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल उठा है। आरोप है कि दरोगा का ट्रांसफर होने के बाद भी दो दिन रूका रहा। इस दौरान उसकी मिलीभगत से जो हुआ वह हैरान करने वाला है। पुलिस चौकी के सामने 25 मीटर पर घटना होती रही और पुलिस मौन रही। इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में अलग अलग तरह की बातें हो रही है। 
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पीड़ित जब शिकायत करने पहुंचा तो दरोगा ने डांटकर भगा दिया। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता जुट गए और हंगामा खड़ा हो गया। प्रभारी एसपी ने मामले की जांच सीओ सिटी को सौंपी है। यह पूरा मामला आजमगढ़ जिले का है। 

शहर के सिविल लाइंस निवासी राजेंद्र गुप्ता की सिविल लाइंस पुलिस चौकी के सामने मिठाई की दुकान है। मकान मालिक और राजेंद्र के बीच दुकान को लेकर विवाद चल रहा था। मामला दीवानी न्यायालय में लंबित है।
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मकान मालिक ने सिविल लाइंस चौकी के दरोगा वीरेंद्र यादव की मिलीभगत से शुक्रवार की देर रात जेसीबी लगा कर मिठाई की दुकान को ढहवा दिया। चौकी के सामने देर रात जेसीबी लगा कर दुकान गिराई जाती रही पर कोई पुलिस कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।
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पीड़ित पहुंचा शिकायत करने तो दरोगा ने डांटकर भगाया

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राजेंद्र और उसके परिवार ने पुलिस चौकी में जा शिकायत की तो वहां मौजूद दरोगा वीरेंद्र यादव ने उन्हें डांट कर भगा दिया। साथ ही फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व दरोगा वीरेंद्र यादव का ट्रांसफर जीयनपुर कोतवाली के अजमतगढ़ चौकी प्रभारी पद पर हो गया था।

शुक्रवार की शाम को वीरेंद्र यादव ने अपनी यहां से रवानगी भी करवा ली पर वे रात को यहीं पर जमे रहे। दुकान ढह जाने के बाद वे रवाना हो गए। राजेंद्र ने पूरे प्रकरण का आडियो और तहरीर अधिकारियों को दी है।

शनिवार की सुबह घटना की जानकारी होने पर भाजपा जिलाध्यक्ष सहित कई लोग मौके पर पहुंच गए। बाद में पुलिस ने राजेंद्र की दुकान की मरम्मत करवाकर नया टिनशेड रखवा दिया। वहीं एसपीसिटी/प्रभारी एसपी सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि तहरीर मिल चुकी है, रिपोर्ट अभी नहीं दर्ज हुई है। दुकान यथावत करवा दी गई है।
सीओ सिटी को मामले की जांच सौंपी गई है। जांच से ही पता चलेगा कि दरोगा वीरेंद्र यादव ने अपनी रवानगी के बाद ऐसा क्यों किया। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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