मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार काशी में मेट्रो रेल परियोजना पर इसी साल अगस्त में काम शुरू होगा। वाराणसी के विकास की इस परियोजना के साकार होने के बाद शहर में यातायात की समस्या दूर होगी, जाम से मुक्ति मिलेगी और समय से लोग अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। परियोजना पर दो चरणों में काम होगा। कुल 29.3 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरीडोर पर 12256 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
पहले चरण में बीएचयू से भेल (तरना) तक 19.3 किलोमीटर लंबी मेट्रो रेल लाइन बिछाई जाएगी। पहले चरण में 8418 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पहले चरण का काम 2021 तक पूरा होने का लक्ष्य है। दूसरे चरण में बेनियाबाग से सारनाथ स्टेशन तक मेट्रो रेल दौड़ेगी। 9.88 किमी लंबे इस रूट पर 3838 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें कुल आठ मेट्रो स्टेशन होंगे। शिवपुर के गणेशपुर में वर्कशॉप और बेनियाबाग में टर्मिनल बनाया जाएगा। इस पर 2021 में काम शुरू होगा।
पहला कॉरीडोर - बीएचयू से भेल तक: बीएचयू, तुलसी मानस मंदिर, रत्नाकर पार्क, बंगाली टोला, काशी विश्वनाथ (चितरंजन पार्क), बेनियाबाग, रथयात्रा, काशी विद्यापीठ, कैंट, नदेसर, कलेक्ट्रेट, भोजूबीर, गिलट बाजार, संगम कालोनी, शिवपुर, तरना और भेल।
दूसरा कॉरीडोर - बेनियाबाग से सारनाथ: बेनियाबाग से कोतवाली, मछोदरी पार्क, काशी बस डिपो, जलालीपुरा, पंचक्रोशी चौराहा, आशापुर, हवेलिया और सारनाथ स्टेशन।