मेरी काशी क्रिएटर्स पाठशाला में माैजूद लोग।
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कमिश्नर एस. राजलिंगम ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद, प्रभावशाली लोगों और युवाओं के लिए काशी की विभिन्न कहानियों के बारे में जानने हेतु 'मेरी काशी' पाठ्यक्रम मॉड्यूल शुरू किया जाएगा। साथ ही उन्हें बेहद आकर्षक रील बनाने और उन्हें सोशल मीडिया पर #merikashi पर अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
मॉड्यूल पूरा होने और काशी की कहानियों पर रील अपलोड करने के बाद, एक विशेषज्ञ टीम सर्वश्रेष्ठ वीडियो और रील वाले व्यक्तियों का मूल्यांकन और पहचान करेगी और उन्हें 'मेरी काशी एम्बेसडर' की उपाधि प्रदान करेगी। 'मेरी काशी एम्बेसडर कार्यक्रम' के माध्यम से, चुनिंदा स्थानीय युवाओं को 'मेरी काशी एम्बेसडर' बनाने का लक्ष्य है, जो आगे चलकर काशी पर आकर्षक और समृद्ध सामग्री तैयार करेंगे और इसके लिए राष्ट्रीय और वैश्विक मंचों पर भी सहायता प्रदान की जाएगी।
इन व्यक्तियों को काशी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी सूचीबद्ध किया जाएगा ताकि विदेशी और घरेलू पर्यटक काशी और सारनाथ की प्रामाणिक कहानियों को जानने के लिए उनसे जुड़ सकें।जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि यह कार्यक्रम यहां के लिए बहुत ही जरूरी रहा। निश्चित रूप से यह कार्यक्रम काशी के लिए प्रासंगिक हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने काशी की महिमा के विषय में बताया। कहा कि यह विश्व की सांस्कृतिक राजधानी के साथ ही आध्यात्मिक नगरी है। देश विदेश से भारी संख्या संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक यहां आते रहते हैं। उन्हें यहां यहां के बारे में विस्तार से जानकारी दिए जाने हेतु यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है
सदस्य विधान परिषद धर्मेंद्र सिंह ने कार्यशाला में काशी के आधुनिक एवं प्राचीन पौराणिक इतिहास पर प्रकाश डालते हुए इसके माहात्म्य के विषय में बताया। उन्होंने धार्मिक नगरी के रूप में विख्यात काशी में विराजमान बाबा विश्वनाथ, संकटमोचन, आदिकेशव समेत यहां स्थित विभिन्न मंदिरों के प्राचीन इतिहास भी उल्लेख किया।
उन्होंने काशी की विभूतियों तुलसीदास, कबीर, संत रविदास, पंडित रविशंकर, बिस्मिल्लाह खान, गिरजा देवी आदि के कृतित्व का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी केवल देखने घूमने ही नहीं बल्कि अनुभूत करने की जगह है।
कार्यक्रम में दर्शकों को 'मेरी काशी एम्बेसडर प्रोग्राम' के माध्यम से टूरिस्ट गाइड बनने के अपार अवसरों के बारे में भी जागरूक किया गया। 'मेरी काशी' कोर्स मॉड्यूल पूरा करने और मूल्यांकन समिति द्वारा प्रमाणित होने के बाद, युवा आधिकारिक टूरिस्ट गाइड भी बन सकते हैं, जिससे उन्हें पढ़ाई या काम करते हुए अन्य आजीविका के अवसर भी मिल सकें।
'मेरी काशी एम्बेसडर प्रोग्राम' के लिए सभी क्रिएटर्स और प्रभावशाली लोगों के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया, जिसमें सीएस स्कैन येल पिस्ट्रीज़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी थी।