इसी क्रम में पुलिस ने मो. रियाज को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर टेलीग्राम और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से विदेशी साइबर अपराधियों के संपर्क में रहता था। साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेनदेन के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराए जाते थे। इसके बाद रकम निकालकर उसका हिस्सा गिरोह के सदस्यों में बांट लिया जाता था।
आरोपी ने यह भी बताया कि बची हुई धनराशि यूएसडीटी खरीदकर विदेशी अपराधियों के निर्देश पर ट्रांसफर की जाती थी। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।