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UP: साइबर अफसर बन ठगी करने वाले गिरोह का सदस्य अरेस्ट, मनी लॉन्ड्रिंग का दिया था झांसा; जानें मामला

Tue, 19 May 2026 05:46 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।

सार

Azamgarh News: मनी लॉन्ड्रिंग में गिरफ्तारी का भय दिखाकर 34 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले में गोरखपुर और गुजरात के तीन आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह टेलीग्राम और व्हाट्सएप समूहों के जरिए विदेशी साइबर अपराधियों के संपर्क में रहता था।
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साइबर अपराधी। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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साइबर क्राइम थाना पुलिस ने खुद को साइबर अधिकारी बताकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान लखनऊ के हुसैनगंज थाना क्षेत्र स्थित कैन्ट रोड उदयगंज निवासी मो. रियाज उर्फ तन्नू (24) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन और 1600 रुपये नकद बरामद किए हैं।

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क्षेत्राधिकारी सदर साइबर आस्था जायसवाल ने बताया कि महाराजगंज थाना क्षेत्र के झोटीपुर निवासी नागेंद्र मिश्र से जनवरी 2025 में साइबर अपराधियों ने संपर्क किया था। आरोपियों ने स्वयं को साइबर क्राइम अधिकारी बताते हुए नागेंद्र मिश्र को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एफआईआर दर्ज होने और गिरफ्तारी का भय दिखाया। इसके बाद मामले के निस्तारण के नाम पर उनसे अलग-अलग खातों में कुल 34 लाख 87 हजार 998 रुपये जमा करा लिए गए।

पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने पहले गुजरात से कौशिक सरवैया और भगीरथ सिंह जाला तथा गोरखपुर से आदिल हुसैन को गिरफ्तार किया था।

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इसी क्रम में पुलिस ने मो. रियाज को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर टेलीग्राम और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से विदेशी साइबर अपराधियों के संपर्क में रहता था। साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लेनदेन के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराए जाते थे। इसके बाद रकम निकालकर उसका हिस्सा गिरोह के सदस्यों में बांट लिया जाता था।

आरोपी ने यह भी बताया कि बची हुई धनराशि यूएसडीटी खरीदकर विदेशी अपराधियों के निर्देश पर ट्रांसफर की जाती थी। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
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