वाराणसी में महामंडलेश्वरों की बैठक
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अखिल भारतीय संत समिति महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि धर्माचार्यों की इस बैठक में पारित प्रस्तावों के बारे में जल्द ही विस्तार में जानकारी दी जाएगी। बैठक से पूर्व सभी धर्माचार्यों ने तिरंगा अभियान में हिस्सा लिया। मां भारती के जयकारे लगाए। आम जनमानस से स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने की अपील की।
वाराणसी में महामंडलेश्वरों की बैठक
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संतों ने कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम देश की आजादी के 75वें वर्ष के साक्षी बन रहे हैं। इस दौरान महामंडलेश्वर स्वामी चिदंबरानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी, महामंडलेश्वर अभयानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर चंद्रेश्वर गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद पुरी, स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती, महंत बालक दास और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी शामिल रहे।
महामंडलेश्वर अभयानंद सरस्वती ने कहा कि आज हिंदू समाज एक बच्चा पैदा करने के पक्ष में नहीं है। इसके लिए अब बोलना होगा। हिंदू समाज के विचारों में डालना होगा कि बच्चे दो चार होने चाहिए। अगर यह स्थिति रही तो मां भारती की और हिंदू धर्म की रक्षा कौन करेगा। उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक बने रहने के लिए हिंदुओं को बच्चे पैदा करना जरूरी है।
कहा कि अगर बच्चा पाल नहीं पा रहे हैं तो उसे हमें दे दीजिए। मठ पालन कर लेगा। एक बच्चे के सिद्धांत से हिंदुओं को महात्मा कहां से मिलेंगे। स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि हिंदू समाज के लोग कम से कम पांच संतान पैदा करें। एक अपने पास रखें और चार संत समाज को दे दें।