नैक मूल्यांकन में कॉलेजों की रुचि बढ़ाने को लेकर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में सोमवार को आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की ऑनलाइन बैठक की गई। इसकी अध्यक्षता करते हुए क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी ज्ञान प्रकाश वर्मा ने नैक मूल्यांकन की प्रक्रिया पर बात की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों को भी इसमें सक्रिय रूप से सहभागी बनना होगा।
आईक्यूएसी निदेशक प्रो. नंदिनी सिंह ने बताया कि बैठक का मुख्य एजेंडा संबद्ध महाविद्यालयों को नैक मान्यता देने के लिए प्रेरित करना है। प्रो. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में आयोजित नैक जागरूकता संबंधी ऑनलाइन कार्यशाला महाविद्यालयों के लिए काफी उपयोगी रही थी।
उन्होंने कहा कि कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने निर्देश दिया है कि आगामी कार्यशालाओं और कार्यक्रमों में ज्यादा से ज्यादा महाविद्यालय सक्रिय रूप से भाग लें। जिससे सभी संस्थान नैक मान्यता की दिशा में सशक्त रूप से अग्रसर हो सकें।
बैठक के नामित सदस्यों के रूप में रैंकिंग एवं प्रत्यायन निदेशक प्रो. हंसा जैन, कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सुधा पांडेय, उदय प्रताप महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह और प्रो. राजीव कुमार मौजूद रहे।