इधर, मामले में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि आमतौर पर 3 सदस्य की जांच टीम इस तरह के मामले में जांच करती है लेकिन इस प्रकरण में 5 डॉक्टरों की टीम ने जांच की। इसमें प्रोटोकाल के तहत इलाज होना पाया गया। कहीं लापरवाही नहीं मिली है।
जिलाधिकारी ने बताया कि क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत जांच की करने के बाद अस्पताल को फिलहाल दोषी नहीं पाया गया है और इसकी प्रति भी पंडित छन्नूलाल मिश्र को उपलब्ध करा दी गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि जांच की रिपोर्ट की एक कॉपी पुलिस कमिश्नर को भी दी गई है।
मेडिकल बोर्ड की जांच में संगीता मिश्रा के इलाज के लिए 1.5 लाख रुपये जमा किए गए थे। इलाज में 1 लाख 48 हजार खर्च हुआ है। दो हजार रुपये बचे हैं। वहीं छन्नूलाल मिश्र की छोटी बेटी नम्रता मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन ने मामले की जो जांच रिपोर्ट दी है, उससे हम संतुष्ट नहीं हैं। न्याय के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात कर हकीकत बताएंगे।
गौरतलब है कि छन्नूलाल मिश्र की छोटी बेटी नम्रता मिश्रा ने लापरवाही के आरोपों पर अस्पताल के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र ने भी कहा था कि बेटी की मौत के बाद 20 दिनों से ढंग से नहीं सोया हूं। रात इसी सोच में कट जाती है कि अस्पताल में बेटी के साथ आखिर हुआ क्या? अचानक उसकी जान कैसे चली गई? अस्पताल प्रबंधन के पास न तो मेरे सवाल का जवाब है और न जिला प्रशासन के पास।
उन्होंने कहा था कि हम इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर शिकायत करेंगे। ताकि बेटी की मौत का सच सामने आ सके। वहीं छोटी बेटी डॉ. नम्रता मिश्रा ने दावा किया था कि हमने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए बात की है और उन्होंने कहा है कि जब भी मिलना हो पहले हमें बता दें और आकर मिल सकते हैं।
नम्रता मिश्रा ने मेडविन अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाया कि हो सकता है वह सीसीटीवी फुटेज ही डिलीट कर दें। वह कह रहे हैं कि उनका सीसीटीवी दो महीने से खराब है, वो झूठ बोल रहे हैं। जिस दिन मेरी दीदी एडमिट हुई थी उस दिन उनका सीसीटीवी कैमरा चल रहा था।
मेरी दीदी आराम से बेड पर लेटी दिखीं और उस सीसीटीवी फुटेज की तस्वीर है मेरे पास। कहा था कि घटना के इतने दिन बाद भी प्रशासन के लोग सात दिन की सीसीटीवी फुटेज नहीं निकाल पाए। कहा- हमारी मांग है कि बहन को इन सात दिनों में क्या दवाइयां दी गईं। कौन से इंजेक्शन लगाए गए और साथ ही क्या टेस्ट हुए इसकी कोई डिटेल नहीं दी गई है।