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खिलाड़ी कैसे जीतेंगे पदक: 104 खिलाड़ियों के लिए चार दिन तक सिर्फ 40 हजार का भत्ता, इसी में आना-जाना और खाना

Fri, 11 Sep 2026 11:39 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

मुरादाबाद मंडल में होनी वाली प्रादेशिक हॉकी प्रतियोगिता के लिए एक खिलाड़ी के हिस्से रोज 96 रुपये बजट उपलब्ध कराया गया है। इसमें ही खाना और आना-जाना सब है। ऐसे में खिलाड़ी कैसे पदक जीतेंगे। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock (अमर उजाला ग्राफिक्स)
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विस्तार
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सरकार खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने का दावा करती है, लेकिन हकीकत अलग है। शिक्षा विभाग की ओर से अगले सप्ताह मुरादाबाद मंडल में होनी वाली प्रादेशिक हॉकी प्रतियोगिता के लिए 40 हजार की राशि उपलब्ध कराई गई है। 104 खिलाड़ियों के लिए 16 से 19 सितंबर तक इसी राशि में भोजन और आने-जाने की व्यवस्था करनी होगी। एक खिलाड़ी के हिस्से में 385 रुपये आते हैं। 

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खास बात यह है कि चार दिन की प्रतियोगिता के हिसाब से एक राशि 96.25 प्रतिदिन होगी। इसी रकम में खिलाड़ी को भोजन कर मैदान पर उतरना है, मंडल के लिए पदक जीतना है और बेहतर प्रदर्शन कर राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई भी करना है।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रादेशिक प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों को भोजन के लिए महज 150 रुपये प्रतिदिन का भत्ता मिलता है। इसमें दो समय का भोजन और एक समय का नाश्ता शामिल है। इसके मुकाबले उत्तर प्रदेश खेल विभाग खिलाड़ियों को 375 रुपये प्रतिदिन भोजन भत्ता देता है। 
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इसके अलावा आने-जाने के लिए अलग से भत्ता दिया जाता है। खिलाड़ियों की परेशानी यहीं खत्म नहीं होती। प्रतियोगिता स्थल तक आने-जाने का खर्च भी कई बार खिलाड़ियों को खुद ही करना पड़ता है। प्रतियोगिता वाले शहर में आवागमन का खर्च भी उनके ही जिम्मे रहता है।

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मुरादाबाद मंडल में होनी वाली प्रतियोगिता में वाराणसी मंडल के सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग के बालक-बालिका सहित कुल 104 खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। 

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खिलाड़ियों को किसी कॉलेज में ठहराया जाएगा, जहां जमीन पर मैट बिछाकर रहने की व्यवस्था होगी। खिलाड़ियों का कहना है कि व्यवस्था ऐसी है कि पहले अपनी जेब से खर्च करो, प्रतियोगिता के बाद सरकार से राशि मिलने पर भुगतान किया जाएगा।
क्या बोले अधिकारी
माध्यमिक स्कूलों के खिलाड़ियों के लिए बजट शासन की ओर से निर्धारित है समय-समय पर खेल पदाधिकारियों के मांग से शासन को अवगत कराया जाता है। पिछली साल की तुलना में इस साल बजट बढ़ा है। -दिनेश सिंह, संयुक्त शिक्षा निदेशक वाराणसी मंडल 
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