परिसर का निरीक्षण करती मेयर मृदुला जायसवाल
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वाराणसी की मेयर मृदुला जायसवाल के शपथ ग्रहण के बाद पहली बार औचक निरीक्षण के दौरान नगर निगम फेल हो गया। मंगलवार को हुए मेयर के औचक निरीक्षण में 43 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए और कार्यालय के आसपास भी गंदगी मिली।
मेयर ने सभी को चेतावनी दी कि भविष्य में दोबारा ऐसा होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गंदगी मिलने पर स्वास्थ्य अधिकारी को भी चेतावनी दी। महापौर के निर्देश पर नगर आयुक्त ने सभी स्वास्थ्य निरीक्षकों को सप्ताह भर का समय देते हुए कहा है कि सुधार नहीं हुआ तो सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
मंगलवार को मेयर मृदुला जायसवाल सुबह 10 बजे नगर निगम कार्यालय पहुंची। इस दौरान विभिन्न विभागों के 43 कर्मचारी अनुपस्थित रहे। महापौर ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के कमरे में भी गंदगी मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगाई गई। इसके साथ ही महिला एवं पुरुष शौचालय में काफी गंदगी मिली। उन्होंने इसकी नियमित सफाई कराने का निर्देश दिया।
नागरिकों से अपील कूड़ा सड़क पर न फेंके
लोगो से बातचीत करती मेयर मृदुला जायसवाल
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शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए मेयर ने सफाई स्वास्थ्य निरीक्षकों एवं नगर स्वास्थ्य अधिकारी की बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिया कि नगर के अंदर नियमित रूप से रोजाना कूड़े का उठान एवं कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए।
उन्होंने कहा कि नगर के किसी क्षेत्र में गंदगी मिलेगी तो उस क्षेत्र के संबंधित कर्मचारी एवं स्वास्थ्य निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महापौर ने नगर में जगह-जगह रखे हुए डस्टबीन के आसपास बिखरे कूड़े एवं गंदगी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि नियमित रूप से डस्टबीन से कूड़े का उठान किया जाए।
इसके साथ ही सफाई सुपरवाइजरों को अपने क्षेत्र में चक्रमण करने का निर्देश दिया और नागरिकों से अपील की है कि वह कूड़ा सड़क पर न फेंके। बैठक के दौरान नगर आयुक्त नितिन बंसल, मोती लाल सिंह, रमेश चंद्र सिंह, राकेश यादव, डा. एके दूबे समेत अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।