बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती आज वाराणसी में चुनावी जनसभा कर खूब चुनावी तीर छोड़े। उन्होंने भाषण की शुरुआत से ही प्रधानमंत्री पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके अन्य नेता चुनाव में तरह-तरह की बात कर रहे हैं।
वो यूपी के लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर खूब चुनावी तीर छोड़े।
वहीं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और राहुल गांधी भी उनके निशाने पर रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी के सभी मंदिरों में कितने मत्थे टेक लें, पूजा पाठ कर लें, वहां के पुजारी भी उन्हें आशीर्वाद (वोट) नहीं देंगे। रोड शो में सड़क पर खड़े होकर पुष्प वर्षा करने वाले चमचे भी सोच में पड़ गए हैं कि मोदी को वोद दें कि न दें।
उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव से भी बुरा हाल भाजपा का उत्तर प्रदेश में होगा। मायावती ने कुछ अन्य मुद्दों को उछालकर हर वर्ग को छूने की कोशिश की।
मायावती ने कहा कि ढाई साल के राज में पीएम मोदी ने देश को छलने के अलावा कुछ नहीं किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उच्च जाती से हैं। जब मंडल कमिशन लागू हो रहा था उस वक्त नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री थे। उन्होंने अपने प्रभाव से अपनी जाती को ओबीसी में करा लिया। कहा कि बीजेपी के लोग ऊपरी मन से हवा-हवाई बातें कर रहे हैं।
पौने तीन साल के कार्यकाल में मोदी ने कोई विकास कार्य नहीं किया, यहां तक कि बीजेपी ने यूपी में सीएम तक का चेहरा तक पेश नहीं किया है। मुस्लिमों के पर्सनल लॉ व तीन तलाक के मुद्दे पर दखल देकर बीजेपी सामाजिक तानेबाने को खराब करना चाहती है।
कहा कि मोदी की हालत खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे जैसी हो गई है। मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अच्छे दिनों के बहाने पूरे देश को बैंकों के बाहर लाइन में खड़ा कर दिया। नोटबंदी कर देश के गरीब आवाम को महीनों परेशान रखा।