माघ मास की अमावस्या सोमवार को ही है लेकिन लेकिन उदय व्यापिनी होने के कारण मौनी अमावस्या एक फरवरी को मनाई जाएगी। मौनी अमावस्या पर भौमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग निर्मित हो रहा है। ज्योतिषाचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि माघ की अमावस्या तिथि एक फरवरी दिन मंगलवार को सुबह 11.16 बजे तक रहेगी।
एडीसीपी ट्रैफिक डीके पुरी के अनुसार मैदागिन-चौक-गोदौलिया के बीच नो व्हीकल जोन रहेगा। हर प्रकार की सवारी गाड़ी रिक्शा, तांगा, साइकिल आदि को मैदागिन से आगे नहीं जाने दिया जाएगा। इन वाहनों को हरिश्चंद्र डिग्री कालेज के सामने या टाउन हॉल में पार्क कराया जाएगा।
वहीं लहुराबीर से गोदौलिया की ओर जाने वाली सभी प्रकार के वाहनों को बेनिया तिराहे पर रोका जाएगा और इन वाहनों को पियरी मार्ग कबीर चौरा व लहुराबीर वापस मोड़ते हुए निकाला जाएगा। यह वाहन बेनिया पार्किंग में पार्क किए जाएंगे।
गंगा स्नान करते श्रद्धालु।
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काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि प्रात: काल मौन रख कर स्नान-ध्यान से सहस्र गोदान का पुण्य फल प्राप्त होता है। वैसे मौनी अमावस्या पर स्नान के बाद दान का भी विशेष महत्व होता है। दान में भूमि, स्वर्ण, अश्व, गज दान के साथ ही आम जनमानस तिल से बनी सामग्री, उष्ण वस्तुएं, कंबल स्वेटर, शाक-सब्जी दान से भी विशेष पुण्य लाभ होता है। इस दिन साधु-महात्मा व ब्राह्मणों के लिए अग्नि प्रज्वलित करनी चाहिए। उन्हें कंबल आदि जाड़े के वस्त्र देने चाहिए।